लघुकथा: दुष्कर्मी - प्राण शर्मा | Pran Sharma's laghu-katha - #Shabdankan
#Shabdankan

साहित्यिक, सामाजिक ई-पत्रिका Shabdankan


osr 1625

लघुकथा: दुष्कर्मी - प्राण शर्मा | Pran Sharma's laghu-katha

Share This

दुष्कर्मी

- प्राण शर्मा

पंद्रह वर्ष की दीपिका रोते - चिल्लाते घर पहुँची। माँ ने बेटी को अस्त-व्यस्त देखा तो गुस्से में पागल हो गयी - " बोल, तेरे साथ कुकर्म किस पापी ने किया है ? "

१३ जून १९३७ को वजीराबाद में जन्में, श्री प्राण शर्मा ब्रिटेन मे बसे भारतीय मूल के हिंदी लेखक है। दिल्ली विश्वविद्यालय से एम ए बी एड प्राण शर्मा कॉवेन्टरी, ब्रिटेन में हिन्दी ग़ज़ल के उस्ताद शायर हैं। प्राण जी बहुत शिद्दत के साथ ब्रिटेन के ग़ज़ल लिखने वालों की ग़ज़लों को पढ़कर उन्हें दुरुस्त करने में सहायता करते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ब्रिटेन में पहली हिन्दी कहानी शायद प्राण जी ने ही लिखी थी।
संपर्क: sharmapran4@gmail.com
  
"तनु के पिता मदन लाल ने।" सुबकते हुए दीपिका ने जवाब दिया। 


"तुझे कितनी बार समझाया है कि छाती पूरी तरह ढँक कर अंदर-बाहर कदम रखा कर इन राक्षसों की कामी नज़रें औरतों की नंगी छातियों पर ही पड़ती हैं। नंगी छाती रखने का नतीजा देख लिया न तूने ? मैं तो कहीं की नहीं रही। उस दुष्ट का सत्यानाश हो रब्बा , जीते-जी जमीन में गड़ जाए। मेरी भोली-भाली बेटी का जीवन बर्बाद कर दिया है उस राक्षस ने। अपनी बेटी की उम्र की कन्या का का बलात्कार ... उफ़ , घोर कलयुग आ गया है। "

मदन लाल का स्यापा करती हुयी माँ दीपिका का हाथ पकड़ कर बाहर आ गयी। उसका रुदान सुनते ही अड़ोसी-पड़ोसी बाहर निकल आये। सैंकड़ों ही लोग इकट्ठा हो गए। दीपिका के बारे में जिसने भी सूना वह लाल-पीला हो गया। सभी मदन लाल के घर की ओर लपके। उसके घर तक पहुँचते-पहुँचते लोगों का अच्छा-खासा हुजूम हो गया। 

मदन लाल घर में ही था। कुछ लोगों ने उसे घसीट कर बाहर ज़मीन पर पटक दिया। वह रोया-चिल्लाया। हाथ जोड़-जोड़ कर उसने बार-बार माफ़ी माँगी, ज़मीन पर बार-बार नाक भी रगड़ी लेकिन गुस्साए लोगों का हुजूम था। किसीने घूँसा मारा और किसीने जूता। ख़ूब धुनाई हुयी उसकी। लहूलुहान हो गया वह। माँ के कलेजे को ठण्डक फिर भी नहीं पडी थी। वह चिल्ला-चिल्ला कर कहे जा रही थी - "मारो और मारो इस पाजी को, दम निकाल दो इसको। "

लोग मदन लाल को पीटे जा रहे थे। पीटने वालों में कई ऐसे भी थे जिनके हवस की शिकार कई महिलायें हो चुकी थीं। 

००००००००००००००००

1 टिप्पणी:

#Shabdankan

↑ Grab this Headline Animator

लोकप्रिय पोस्ट