बेजुबान इश्क / फिल्म समीक्षा | Bezubaan Ishq / Review


बेजुबान इश्क / फिल्म समीक्षा | Bezubaan Ishq / Review

बेजुबान इश्क / फिल्म समीक्षा

Bezubaan Ishq / Review

~ दिव्यचक्षु

निर्देशक-जसवंत गंगानी
कलाकार- स्नेहा उल्लाल, मुग्धा गोडसे, निशांत मलकानी, फरीदा जलाल, दर्शन जरीवाला


फिल्म में एक गाना है, जिसके शुरुआती बोल हैं `अंखियों में बसा लूंगा’। गाना कानों में बस जाता है लेकिन फिल्म यादों में नही बसनेवाली है। एक घिसे पिटे विषय- प्रेम में आत्मबलिदान- पर आधारित `बेजुबान इश्क’ राजस्थान की यात्रा करा लेने के बावजूद दर्शक को नहीं ले जा पाती। हां, स्नेहा उल्लाल के जो भी दो-चार मुरीद हों, उनको ये अच्छी लग सकती है। स्नेहा जब शुरू में सलमान खान की वजह से फिल्मों में आई थीं तो उनके नैन-नक्स ऐश्वर्या राय से मिलते जुलते लगे थे। इसी कारण वो चर्चा में आई थीं। अब वो भी मामला नहीं है। पर निर्दशक ने उनको ज्यादा फोकस में लाने के लिए मुग्धा गोडसे को साथ इतनी नाइंसाफी कर दी है कि कुछ दृश्यों में तो वे अनाकर्षक दीखती हैं। गंगागी जी, मुग्धा का ठीक से मेक-अप भी नहीं कराया आपने।

किस्सा ये है कि सुहानी (मुग्धा गोडसे) भारत में रहती है जहां उसका स्वागत (निशांत मलकानी) नाम के एक लड़के से दोस्ती है। हालात ऐसे बनते हैं कि स्वागत और सुहानी की शादी तय हो जाती है और इस शादी में शरीक होने के लिए सुहानी की चचेरी बहन रुमझूम (स्नेहा उल्लाल) लंदन से आती है। कहानी आगे बढ़ती है और रूमझूम और स्वागत में प्यार हो जाता है। अब सुहानी का क्या होगा? अगर सिर्फ ये जानने में आपकी दिलचस्पी है तो फिल्म देख सकते हैं। 

००००००००००००००००
nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

वैलेंटाइन डे पर विशेष - 'प्रेम के नौ स्वर' - ऋत्विक भारतीय की कविताएं | Valentine Day Poetry in Hindi
असग़र वजाहत का नाटक 'ईश्वर-अल्लाह'  | Asghar Wajahat's Play 'Ishwar-Allah'
आन्तरिक तार्किकता की खोज ~ मृदुला गर्ग की 'सम्पूर्ण कहानियाँ' | Mridula Garg Complete Stories
ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
चित्तकोबरा क्या है? पढ़िए मृदुला गर्ग के उपन्यास का अंश - कुछ क्षण अँधेरा और पल सकता है | Chitkobra Upanyas - Mridula Garg
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
मैत्रेयी पुष्पा की कहानियाँ — 'पगला गई है भागवती!...'
Harvard, Columbia, Yale, Stanford, Tufts and other US university student & alumni STATEMENT ON POLICE BRUTALITY ON UNIVERSITY CAMPUSES
बिहारियों का विस्थापन: ‘समय की रेत पर’ की कथा