advt

शनि का हाईकोर्ट — अशोक चक्रधर @ChakradharAshok

अप्रैल 12, 2016

मामला हार-जीत का है ही नहीं। स्त्री द्वारा पुरुष के सामने अपने अस्तित्व की रक्षा करने का है

 — अशोक चक्रधर

Ashok Chakradhar on Shani Shingnapur Temple Row


— चौं रे चम्पू! औरत सनी देव के चौंतरा पै चढ़ि गईं, जीत भई उनकी?


— मामला हार-जीत का है ही नहीं। स्त्री द्वारा पुरुष के सामने अपने अस्तित्व की रक्षा करने का है। भेदभाव क्यों हो? यह लड़ाई महिलाओं द्वारा पूजा किए जाने के पक्ष में उतनी शायद नहीं थी, जितनी स्वयं को दूजा मानने और दोहरे मानदण्ड अपनाने के विरुद्ध थी।

— सनी मंदिर तौ वैसैऊ भौत कम ऐं।

— पर नए बनते जा रहे हैं, जबसे मीडिया ने शनि का प्रकोपों का बखान करने वाले अभिनेताओं को बुद्धू बक्से में बिठा दिया है। शनिदेव कोई बुरा न कर दें, यह भय पूजा कराने लगा है। शिंगणापुर का मंदिर भी मात्र चार सौ वर्ष पुराना है। मुझे प्रसन्नता है कि जो भेदभाव चल रहा था, उसे कोर्ट ने न्यायसंगत ढंग से निपटाया। मंदिर के प्रबंधकों की समझ में भी आ गया कि अब महिलाएं रुकने वाली नहीं हैं। जहां तक शनिदेव का प्रसंग है, वे आस्थाओं धारणाओं की परंपरानुसार दंडाधिकारी हैं। स्वयं अपने हाईकोर्ट के न्यायाधीश हैं। पुरस्कार और दंड, दोनों का विधान है उनके पास। उन्हें यह भेदभाव का पुरुषवादी गणित क्यों पसन्द आएगा भला! न्याय करते समय उन्होंने अपने पिता सूर्य को भी क्षमा नहीं किया। ज्योतिषाचार्य गणना करते हैं तो पिता-पुत्र के वैरभाव का ध्यान रखते हुए फलित निकालते हैं।

— बैरभाव चौं भयौ?

— कथा यह है कि काल गणनाजनक तेजस्वी सूर्य ने अपनी स्त्री पर संदेह किया। घर में काला पुत्र कैसे पैदा हुआ? इस कटूक्ति से शनि को अपनी जननी का अपमान लगा। क्रुद्ध शनि ने पिता को भी अपने दंडाधिकारी होने का परिचय दे दिया। सूर्य को कोढ़ हो गया। नवग्रहों में सर्वाधिक समय विद्यमान रहने वाले शनि सिर्फ़ बुरा करते हों, ऐसा नहीं है, लेकिन जब बुरा करने पर आमादा हो जाएं और साढ़े साती की नॉनबेलेबिल सज़ा सुना दें, तो बचाव का कोई रास्ता नहीं बचता। यह भी कहा जाता है कि कोबरा का काटा और शनि का मारा पानी नहीं मांगता। अब चचा, हिन्दू धर्म एकेश्वरवादी तो है नहीं, जिसकी जिस देवता में आस्था जगी, उसने उसकी राह पकड़ ली। आप तो पुराणों के ज्ञाता हैं, बताइए सबसे पुराने देवता कौन हैं?

— देवन के देव महादेव!

— ठीक कहा चचा! धरती पर महादेव के ही सर्वाधिक मंदिर, यानी शिवालय हुआ करते थे और संभवत: आज भी हैं। सरकार ने जनगणना विभाग तो बनाया है, देवगणना विभाग नहीं। अद्यतन आंकड़े मेरे पास नहीं हैं, फिर भी, हिंदू धर्म में शैवमत प्राचीनतम है। शिव के बाद शक्ति की, देवी की आराधना हुई, फिर विष्णु की। अर्द्धनारीश्वर का मिथक-बिंब शिव से आया, जो स्त्री-पुरुष को बराबर का महत्व देता है। मंदिर में मूर्ति शिवलिंग की होती है, भगवान शिव की नहीं। शिवलिंग का स्वरूप देखकर उसकी व्याख्या करने की आवश्यकता नहीं है कि वह स्त्री-पुरुष के संयुक्त-भाव में दैहिक अंतर्लोक की बिम्ब-प्रतिकृति है। शिवलिंग पर जल चढ़ाया जाता है। पता है क्यों?

— बता तू बता!

— अरे! पुरुष-तत्व के अन्दर की ऊर्जा और उसके उद्धत स्वरूप को शांत करने के लिए। कहीं यह अत्यधिक ओजस्विता समाज में, आज की भाषा में, आपराधिक कर्म न करा बैठे। वर्तमान पीनल कोड के अनुसार देखें तो पुराणों में कितनी अपराध-कथाएं हैं! कितने परस्त्री परपुरुष संसर्ग-प्रसंग हुए। शिवत्व दुष्प्रवृत्तियों का शमन है। जीवन का विष शिव ने पी लिया और गंगा को जटाओं में बांध लिया। उनके विश्राम और शयन का काल नहीं होता, इसलिए शिवालय में आपको पुजारियों की भीड़ नहीं मिलेगी। पिछले एक हज़ार साल में एक तरफ़ मस्जिद तो दूसरी तरफ शिवाला कहा गया, मंदिर नहीं कहा। ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीन देव हैं। ब्रह्मा पुत्री पर आसक्ति के कारण अधिक नहीं पूजे गए। कर्मकांडी पूजा केवल विष्णु और उनके विभिन्न रूपों की होती है। शनि नवग्रहों में एक हैं। उन्हें पुजारियों से अधिक ज्योतिषी चाहिए। मैंने बचपन से पंडितों को एक श्लोक पढ़ते सुना है।

— कौन सौ सिलोक?

— ’ब्रह्मा मुरारि: त्रिपुरांतकारि:, भानु: शशि: भूमिसुतो बुधश्च; गुरुश्च शुक्रो शनि राहु केतव:, सर्वे ग्रहा: शांतिकरा: भवंतु।’ तीन देव रक्षा करें और नवग्रह शांत रहें। भैरौं महाकाल दारू पीकर भला करें, सेवाभावी हनुमान जी सिंदूर चढ़वा कर महिलाओं के सिंदूर की रक्षा करें और शनि की आंखों में तेल रहे ताकि वे देख न सकें कि किसका हित-अहित करना है। शंकराचार्य कुछ भी कहें, महिलाएं तो बस बराबरी चाहती हैं चचा।

००००००००००००००००

टिप्पणियां

ये पढ़े क्या?

{{posts[0].title}}

{{posts[0].date}} {{posts[0].commentsNum}} {{messages_comments}}

{{posts[1].title}}

{{posts[1].date}} {{posts[1].commentsNum}} {{messages_comments}}

{{posts[2].title}}

{{posts[2].date}} {{posts[2].commentsNum}} {{messages_comments}}

{{posts[3].title}}

{{posts[3].date}} {{posts[3].commentsNum}} {{messages_comments}}

ये कुछ आल टाइम चर्चित

कहानी: दोपहर की धूप - दीप्ति दुबे | Kahani : Dopahar ki dhoop - Dipti Dubey

अरे! देखिए वो यहाँ तक कैसे पहुंच गई... उसने जल्दबाज़ी में बाथरूम का नल बंद कि…

जनता ने चरस पी हुई है – अभिसार शर्मा | Abhisar Sharma Blog #Natstitute

क्या लगता है आपको ? कि देश की जनता चरस पीए हुए है ? कि आप जो कहें वो सर्व…

मुसलमान - मीडिया का नया बकरा ― अभिसार शर्मा #AbhisarSharma

अभिसार शर्मा का व्यंग्य मुसलमान - मीडिया का नया बकरा …

गुलज़ार की 10 शानदार कविताएं! #Gulzar's 10 Marvellous Poems

गुलज़ार की 10 बेहतरीन कविताएं! जन्मदिन मनाइए: पढ़िए नज़्म छनकती है...  गीतका…

मन्नू भंडारी: कहानी - अकेली Manu Bhandari - Hindi Kahani - Akeli

अकेली (कहानी) ~ मन्नू भंडारी सोमा बुआ बुढ़िया है।  …

कहानी "आवारा कुत्ते" - सुमन सारस्वत

रेवती ने जबरदस्ती आंखें खोलीं। वह और सोना चाहती थी। परंतु वॉर्ड के बाहर…

चतुर्भुज स्थान की सबसे सुंदर और महंगी बाई आई है

शहर छूटा, लेकिन वो गलियां नहीं! — गीताश्री आखिर बाईजी का नाच शुर…

प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani

premchand ki kahani  प्रेमचंद के फटे जूते premchand ki kahani — …

अनामिका की कवितायेँ Poems of Anamika

अनामिका की कवितायेँ   Poems of Anamika …

कायरता मेरी बिरादरी के कुछ पत्रकारों की — अभिसार @abhisar_sharma

मैं सोचता हूँ के मोदीजी जब 5, 10 या 15 साल बाद देश के प्रधानमंत्री नहीं …

साल दर साल

एक साल से पढ़ी जाती हैं

कहानी "आवारा कुत्ते" - सुमन सारस्वत

रेवती ने जबरदस्ती आंखें खोलीं। वह और सोना चाहती थी। परंतु वॉर्ड के बाहर…

चतुर्भुज स्थान की सबसे सुंदर और महंगी बाई आई है

शहर छूटा, लेकिन वो गलियां नहीं! — गीताश्री आखिर बाईजी का नाच शुर…

प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani

premchand ki kahani  प्रेमचंद के फटे जूते premchand ki kahani — …

हिंदी कहानी : उदय प्रकाश — तिरिछ | uday prakash poetry and stories

उदय प्रकाश की कहानी  तिरिछ  तिरिछ में उदय प्रकाश अपने नायक से कहल…

मन्नू भंडारी: कहानी - अकेली Manu Bhandari - Hindi Kahani - Akeli

अकेली (कहानी) ~ मन्नू भंडारी सोमा बुआ बुढ़िया है।  …

गुलज़ार की 10 शानदार कविताएं! #Gulzar's 10 Marvellous Poems

गुलज़ार की 10 बेहतरीन कविताएं! जन्मदिन मनाइए: पढ़िए नज़्म छनकती है...  गीतका…

हिन्दी सिनेमा की भाषा - सुनील मिश्र

आलोचनात्मक ढंग से चर्चा में आयी अनुराग कश्यप की दो भागों में पूरी हुई फिल…

अनामिका की कवितायेँ Poems of Anamika

अनामिका की कवितायेँ   Poems of Anamika …

महादेवी वर्मा की कहानी बिबिया Mahadevi Verma Stories list in Hindi BIBIYA

बिबिया —  महादेवी वर्मा की कहानी  mahadevi verma stories list in hind…