आयोजन: बंगीय हिन्दी परिषद्‍ -स्थापना दिवस

    १५ फरवरी, कोलकाता
    ‘निराला’, ‘सुकुल’ जयन्ती का आयोजन कोलकाता की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था बंगीय हिन्दी परिषद्‍ में वाणी के प्राकट्य दिवस "बंगीय हिन्दी परिषद्‍ :स्थापना दिवस" के पावन अवसर पर माँ भारती एवं ‘निराला’, ‘सुकुल’ जयन्ती समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
     समारोह की अध्यक्षता हिन्दी के मूर्धन्य कहानीकार एवं कवि श्री उदयप्रकाश ने की। मुख्य अतिथि के रूप में श्री विजय मोहन शर्मा एव प्रधान वक्ता के रूप में डॉ .प्रेमशंकर त्रिपाठी ने अपनी उपस्थिति से आयोजन को समृद्ध बनाया।
     उक्त अवसर पर डॉ.राजेन्द्र नाथ त्रिपाठी की पुस्तक ‘भारतेन्दु के साहित्य में आधुनिकता बोध’ का श्री उदय प्रकाश जी कर –कमलों के द्वारा विमोचन भी किया गया। बंगीय हिन्दी परिषद् द्वारा समय-समय पर उत्कृष्ट पुस्तकों का प्रकाशन किया जाता रहा है।उक्त पुस्तक उसी परंपरा को समृद्ध करती है।कार्यक्रम का आरम्भ करते हुए परिषद् के मन्त्री डॉ. राजेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने परिषद् के विविध कार्यक्रमों का विवरण दिया। श्री उदयप्रकाश जी ने निराला, डॉ.रामविलास शर्मा एवं भारतेन्दु पर अपना सारगर्भित विवेचन प्रस्तुत किया।
     उसी क्रम में देवी सरस्वती एवं विधाता ब्रह्मा का ज़िक्र करते हुए उदयप्रकाश जी ने कहा कि सर्जक को कठिन चुनौतियों का सामना करता है और समाज द्वारा वह उपेक्षित और लांछित भी होता है। श्री विजय मोहन शर्मा जी ने अपने पिता डॉ. रामविलास शर्मा एवं ‘निराला’ जी से जुड़े कुछ रोचक संस्मरणों से श्रोताओं को अवगत कराया। प्रधान वक्ता के रूप में बोलते हुए वरिष्ठ आलोचक डॉ. प्रेमशंकर त्रिपाठी ने आचार्य ललिता प्रसाद ‘सुकुल’ एवं ‘निराला’ जी के बारे में अपना गंभीर विवेचन प्रस्तुत किया और कहा कि ‘निराला’ का सम्यक् मूल्यांकन होना अभी शेष है।
     उक्त अवसर पर परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. शंभुनाथ ने ‘निराला’ एवं अचार्य ललिता प्रसाद ‘सुकुल’ से जुड़े कतिपय प्रसंगों की चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन श्री प्रियंकर पालीवाल ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ.रामनाथ तिवारी ने किया। उक्त कार्यक्रम में सर्वश्री डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह, पृथ्वी नाथ राय, आर.बी शुक्ल, नीलकमल, मनीष पाण्डेय,जतिन कुमार शुक्ल, प्रदीप कुमार धानुक, प्रमोद वर्मा, पीयूष मुरारका, धर्मेन्द्र राय, रविप्रताप सिंह, श्रीमोहन तिवारी, शिवशंकर सिंह, सुरेन्द्र नाथ शर्मा, संजय जायसवाल,ओमप्रकाश सिंह, विनय कुमार आर्य, सेराज़ खान बातिश, अशोक कुमार सिंह, विद्यासागर तिवारी, रंजीत कुमार, जीवन सिंह, तथा अन्वेश तिवारी आदि उपस्थित थे।
सचिव- राजेन्द्र नाथ त्रिपाठी
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