October 2013 - #Shabdankan
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साहित्यिक, सामाजिक ई-पत्रिका Shabdankan


कितनी कमज़ोर थी हमारी तैयारी, और आगे और भी कमज़ोर है - अशोक गुप्ता | Ashok Gupta on Rajendra Yadav

Thursday, October 31, 2013 0
कितनी कमज़ोर थी हमारी तैयारी, और आगे और भी कमज़ोर है अशोक गुप्ता  दुनिया में मौत से बड़ा सच और कोई नहीं है. अगर अकाल मृत्यु की बात छोड़ दे...
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हूं मैं जैसा तुमने कर डाला - प्रेम भारद्वाज | Prem Bhardwaj on Rajendra Yadav

Wednesday, October 30, 2013 0
'पाखी' के राजेंद्र यादव पर केंद्रित सितंबर-2011 अंक के संपादकीय का किंचित संशोधित प्रारूप। 29 अक्टूबर 2013 को राजेंद्र यादव के देह...
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गुलज़ार: को-पायलट* | #Gulzar : Co-pilot

Monday, October 28, 2013 0
को-पायलट* गुलज़ार बहुत कम लोग थे फ्लाइट में, और वो था उस आधी रात की फ्लाइट में कम ही लोग होते हैं अँधेरे में चले थे हम, मगर क...
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प्रांजल धर की बिल्कुल नयी और अप्रकाशित कविताएँ | Poetry : Pranjal Dhar

Saturday, October 26, 2013 2
प्रांजल धर 2710, भूतल डॉ. मुखर्जी नगर, दिल्ली – 110009 मोबाइल - 09990665881 प्रांजल धर की बिल्कुल नयी  और अप्रकाशित कविताएँ ...
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परिचय: प्रांजल धर

Saturday, October 26, 2013 0
प्रांजल धर  जन्म – मई 1982 ई. में, उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले के ज्ञानीपुर गाँव में। शिक्षा – जनसंचार एवं पत्रकारिता में परास्नातक। ...
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रवीश की रपट में फिल्म 'शाहिद' | Movie Review of 'Shahid' by Ravish Kumar

Friday, October 25, 2013 0
"वो लोग तुम्हें अतीत में जीने के लिए मजबूर करेंगे लेकिन तुमको आने वाले कल के लिए जीना होगा ।" शाहिद की ज़िंदगी से दूर जा चुकी मर...
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मनीषा पांडेय - जीवन की छोटी-मामूली बातें | Manisha Pandey

Thursday, October 24, 2013 9
यूं तो मनीषा के परिचय में काफी चीजें कही जा सकती हैं। वो पेशे से पत्रकार हैं, राइटर हैं, ब्‍लॉगर हैं, फेसबुक पर स्त्रियों की उभरती हुई ...
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जयप्रकाश फकीर (फकीर जय) की "करेजा" व अन्य कवितायेँ | Poetry: Jayprakash Faqir (faqir Jay)

Wednesday, October 23, 2013 1
जयप्रकाश फकीर बी टेक, एम टेक, एम ए सम्प्रति : भारत सरकार में उच्चाधिकारी संपर्क : non_conformist_jay@yahoo.com चाँद की तस्वीर ...
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वर्तिका नन्दा / वर्तिका नंदा की कवितायेँ | Poetry : Vartika Nanda

Wednesday, October 23, 2013 1
चुप्पी   :: 1 ::  हर औरत लिखती है कविता हर औरत के पास होती है एक कविता हर औरत होती है कविता कविता लिखते-लिखते एक दिन खो जाती है...
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कवितायेँ : विजया कान्डपाल | Poetry : Vijaya Kandpal

Tuesday, October 22, 2013 0
कवितायेँ : विजया कान्डपाल   देहरादून में जन्मीं स्वतंत्र पत्रकार विजया कान्डपाल अंग्रेज़ी व हिन्दी में लिखती हैं, इनकी रचनायें हिन्दी व...
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युवा कथाकार हितेन्द्र पटेल के उपन्यास ‘चिरकुट’ पर चर्चा : पुखराज जाँगिड़ | Hitendra Patel's Novel 'Chirkut'

Tuesday, October 22, 2013 0
“ देर से ही सही पर अब हिन्दी में भी नये समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए नये तरीके से सोचने और काम करने का समय आ गया है। अब हिन्दी मे...
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