November 2013 - #Shabdankan
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साहित्यिक, सामाजिक ई-पत्रिका Shabdankan


यथार्थवाद और नवजागरण : व्यक्ति की महानता की त्रसद परिणति-कथा - अमिताभ राय

Thursday, November 28, 2013 1
यथार्थवाद और नवजागरण : व्यक्ति की महानता की त्रसद परिणति-कथा - अमिताभ राय         चंद्रधर शर्मा गुलेरी के अनुसार उनके समकालीन दो प्...
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विमलेश त्रिपाठी की कविताएं | Poetry : Vimlesh Tripathi

Wednesday, November 27, 2013 1
विमलेश त्रिपाठी की कविताएं तीसरा एक कवि ने लिखा 'क' से कविता दूसरे ने लिखा 'क' से कहानी तीसरा चुप था बाकी...
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कहानी: ज़ख्म - डॉ. रश्मि | Hindi Story 'Zakhm' By Dr Rashmi

Wednesday, November 27, 2013 0
ज़ख्म  - डॉ. रश्मि कैसा है यह द्वंद्व, समझ ही नहीं पा रही हूँ........... एक तरफ ‘तुम’ हो.....तो दूसरी तरफ है ‘वो’। प्रेम के ये दोनों...
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राजेन्द्र यादव का आत्मकथ्य: "तोते की जान" – अर्चना वर्मा | Autobiography of Rajendra Yadav "Tote ki Jaan" by Archana Verma

Tuesday, November 26, 2013 0
अब जो प्रस्तुत है उसका आधार है जैसा मैने जाना के अलावा जैसा राजेन्द्र जी ने जहां तहां लिखा और उसे जैसा मैने पढ़ा। – अर्चना वर्मा आत्मकथ्य...
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गुरिंदर आज़ाद की गज़लें | #Ghazal : Gurinder Azad

Monday, November 25, 2013 0
गुरिंदर आज़ाद कवि और दलित एक्टिविस्ट हैं। उनके लेखे डाकुमेंट्री फ़िल्म निर्माण, पत्रकारिता, सामाजिक विषय लेखन जैसे अन्य काम भी हैं। बठिंड...
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तीन गज़लें और कई रंग - प्राण शर्मा | Three Colors Three Ghazals - Pran Sharma

Sunday, November 24, 2013 7
कुछ  इधर से कुछ  उधर से आ गए पत्थर कई घर  को  खाली  देख कर बरसा गये पत्थर कई दो  जमातों  में  हुआ  कुछ ज़ोर से ऐसा फसाद देखते    ही   दे...
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