advt

अथ राक्षस चालीसा - स्वामी सदानंद सरस्वती | Swami Sadanand Saraswati - Rakshasa Chalisa

अप्रैल 10, 2014

स्वामी सदानंद सरस्वती द्वारा विरचित

अथ राक्षस चालीसा


सपने महं शंकर दियो मो कहं यह उपदेश ।
राक्षस चालीसा  रचहु, यह  मेरो   आदेश।।

जो कछु शंकर कह्यो  सो मैं  लिखेहु प्रमान  ।
जो नर एहि मिलि गाइहैं कृपा करहिं भगवान ।।

धिक बी जे पी धिक रजनीचर ।
शिव पर वार करहिं ये निशिचर ।।

पहले   रामभूमि    संहारी ।
अब शंकर पै  चोट  करारी  ।।

ये अधर्म मय सब परिवारा  ।
मोदी नव रावण अवतारा ।।

जिनहिं राम त्रेता महं मारा ।
जनमहिं भारत बारंबारा  ।।

भारत कर विनास ये चाहहिं ।
रक्तपात करि प्यास बुझावहिं ।।

जब जब बहै प्रगति की धारा  ।
तब तब लेइ रावण  अवतारा ।।

प्रथम गोडसे  बनि सोइ आवा ।
रामभगत गांधी  पै  धावा  ।।

बापू  की  हत्या  करि दीनी ।
सूनी गोद  मातु  की  कीनी ।।

पुनि  अडवानी  बनि सोइ आवा ।
राम भूमि का नाम मिटावा ।।

भारत मां  के  सुत  सब बांटे ।
देश प्रगति महं  बोबै  कांटे ।।

इनके करम न शिव को भाये
सोमनाथ तजि काशी धाये

पीछे  पीछे  मोदी  आवा
अब शंकर पर बोला धावा

मुंह में शिव शिव  बगल में ईंटें ।
काशी में अब शिव को पीटें ।।

येहि कारन सब चाहहिं काशी ।
मायावी ये सत्यानाशी ।।

दंगों की नित जुगत बनावहिं ।
जगह जगह हिंसा करवावहिं ।।

विश्वनाथ जानी सब माया  ।
अरविंदहिं सब भेद बताया ।।

अरविंदहिं सो बंदी कीन्हा ।
रक्तकलश भू महं धरि दीन्हा ।।

सोइ रावण फिरि शासन चाहै ।
भारत पै फिरि विपदा आहै ।।

भेद सदाशिव शंकर भाखहिं  ।
ये निशिचर गण विपदा लावहिं ।।

जो अशोक वाटिका रखावा   ।
जाहि पवनसुत मारि गिरावा  ।।

सोइ अशोक सिंहल बनि आवा  ।
आवत हनूमान पै धावा   ।।

ओहि हनुमान गढ़ी सब लूटी ।
तबहिं पवनसुत मूरत टूटी ।।

कुंभकरण जोशी बनि आवा ।
मात्र अविद्या तम फैलावा ।।

सोउ काशी मंह चाहै आवै !
मोदी ओहि कहं मुंह न लगावै ।।

भेजि कानपुर ताहि सुलावा ।
मोदी खोजि रहा शिव बावा ।।

सोमनाथ तजि धाये काशी ।
पीछे पीछे सत्यानाशी  ।।

काशी तजि धाये कैलाशा ।
मोदी कर न तनिक विश्वासा ।।

जो मारीच रावण कर मामा ।
राजनाथ का पहनेउ जामा ।।

उस रावण की करै गुलामी
अडवानी को दी गुमनामी

जे मारे निज जन गुजराती ।
बनि भारत का भीतरघाती ।।

राजनाथ लक्ष्मणपुर धायो ।
सो लक्ष्मण पर घात लगायो ।।

लखन लला को खोजै पापी ।
बी जे पी मंह आपाधापी  ।।

इनहिं न कछू धरम सै प्रीती ।
रकत पिपासू करहिं कुरीती ।।

बी जे पी हो या हो मोदी ।
ये निसिचरगण रक्तप्रमोदी ।।

त्रेता रामचंद्र जे  मारे  ।
बनि बीजेपी उपजे सारे ।।

कलियुग निसिचर ‘निकर’ लिबासा  ।
इन कर कोइ न करौ विस्वासा ।।

ये पापी भारत  के  द्रोही  ।
मंदिर मस्जिद ढाहैं   ओही ।।

अगुनहिं सगुनहिं नहिं कछु भेदा  ।
कहहिं संत बुध गावहिं वेदा  ।।

ये राक्षसगण भेद करावहिं  ।
एक मातु के सुत लड़वावहिं  ।।

करि जननी की सूनी गोदी  ।
हंसहि ठठाइ नरेंदर मोदी  ।।

सोमनाथ पै रक्त गिरायो ।।
येहिं कारण गुजरात जलायो ।

अब काशी पै साधि निशाना ।
शिव शंकर पै खंजर ताना ।।

इनके करतब जानहु भाई ।
इनसे होहि न देश भलाई ।।

जो कोई इनके गुन गावहिं
तेहि पर शंकर विपदा लावहिं ।।

कान परै जदि इनकी बानी  ।
रौरव नरक परहिं ते प्रानी  ।।

जो बांचैं राक्षस चालीसा  ।
तेहि पर कृपा करैं गौरीसा  ।।

जो छापैं जो घर घर बांटैं  ।
तेहि कर दुख शिवशंकर काटैं  ।।

यह चालीसा बोलि कर शंभु गये कैलास  ।
यह बांचै तो होइ क्यों भारत सत्यानाश  ।।

अब भी जो चेते नहीं भारत की संतान  ।
तो फिर क्या बच पायेगा अपना देश महान ।।

टिप्पणियां

ये पढ़े क्या?

{{posts[0].title}}

{{posts[0].date}} {{posts[0].commentsNum}} {{messages_comments}}

{{posts[1].title}}

{{posts[1].date}} {{posts[1].commentsNum}} {{messages_comments}}

{{posts[2].title}}

{{posts[2].date}} {{posts[2].commentsNum}} {{messages_comments}}

{{posts[3].title}}

{{posts[3].date}} {{posts[3].commentsNum}} {{messages_comments}}

ये कुछ आल टाइम चर्चित

कहानी: दोपहर की धूप - दीप्ति दुबे | Kahani : Dopahar ki dhoop - Dipti Dubey

अरे! देखिए वो यहाँ तक कैसे पहुंच गई... उसने जल्दबाज़ी में बाथरूम का नल बंद कि…

जनता ने चरस पी हुई है – अभिसार शर्मा | Abhisar Sharma Blog #Natstitute

क्या लगता है आपको ? कि देश की जनता चरस पीए हुए है ? कि आप जो कहें वो सर्व…

मुसलमान - मीडिया का नया बकरा ― अभिसार शर्मा #AbhisarSharma

अभिसार शर्मा का व्यंग्य मुसलमान - मीडिया का नया बकरा …

गुलज़ार की 10 शानदार कविताएं! #Gulzar's 10 Marvellous Poems

गुलज़ार की 10 बेहतरीन कविताएं! जन्मदिन मनाइए: पढ़िए नज़्म छनकती है...  गीतका…

मन्नू भंडारी: कहानी - अकेली Manu Bhandari - Hindi Kahani - Akeli

अकेली (कहानी) ~ मन्नू भंडारी सोमा बुआ बुढ़िया है।  …

कहानी "आवारा कुत्ते" - सुमन सारस्वत

रेवती ने जबरदस्ती आंखें खोलीं। वह और सोना चाहती थी। परंतु वॉर्ड के बाहर…

चतुर्भुज स्थान की सबसे सुंदर और महंगी बाई आई है

शहर छूटा, लेकिन वो गलियां नहीं! — गीताश्री आखिर बाईजी का नाच शुर…

प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani

premchand ki kahani  प्रेमचंद के फटे जूते premchand ki kahani — …

अनामिका की कवितायेँ Poems of Anamika

अनामिका की कवितायेँ   Poems of Anamika …

कायरता मेरी बिरादरी के कुछ पत्रकारों की — अभिसार @abhisar_sharma

मैं सोचता हूँ के मोदीजी जब 5, 10 या 15 साल बाद देश के प्रधानमंत्री नहीं …

साल दर साल

एक साल से पढ़ी जाती हैं

कहानी "आवारा कुत्ते" - सुमन सारस्वत

रेवती ने जबरदस्ती आंखें खोलीं। वह और सोना चाहती थी। परंतु वॉर्ड के बाहर…

चतुर्भुज स्थान की सबसे सुंदर और महंगी बाई आई है

शहर छूटा, लेकिन वो गलियां नहीं! — गीताश्री आखिर बाईजी का नाच शुर…

प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani

premchand ki kahani  प्रेमचंद के फटे जूते premchand ki kahani — …

हिंदी कहानी : उदय प्रकाश — तिरिछ | uday prakash poetry and stories

उदय प्रकाश की कहानी  तिरिछ  तिरिछ में उदय प्रकाश अपने नायक से कहल…

मन्नू भंडारी: कहानी - अकेली Manu Bhandari - Hindi Kahani - Akeli

अकेली (कहानी) ~ मन्नू भंडारी सोमा बुआ बुढ़िया है।  …

गुलज़ार की 10 शानदार कविताएं! #Gulzar's 10 Marvellous Poems

गुलज़ार की 10 बेहतरीन कविताएं! जन्मदिन मनाइए: पढ़िए नज़्म छनकती है...  गीतका…

हिन्दी सिनेमा की भाषा - सुनील मिश्र

आलोचनात्मक ढंग से चर्चा में आयी अनुराग कश्यप की दो भागों में पूरी हुई फिल…

अनामिका की कवितायेँ Poems of Anamika

अनामिका की कवितायेँ   Poems of Anamika …

महादेवी वर्मा की कहानी बिबिया Mahadevi Verma Stories list in Hindi BIBIYA

बिबिया —  महादेवी वर्मा की कहानी  mahadevi verma stories list in hind…