स्वाति तिवारी को शिवना सम्मान

सीहोर । साठोत्तरी हिंदी कविता के यशस्वी कवि जनार्दन शर्मा की पुण्यतिथि पर हर वर्ष होने वाली पुण्य स्मरण संध्या का आयोजन इस वर्ष भी 19 जनवरी को किया जाएगा। इस अवसर पर प्रकाशन संस्था शिवना प्रकाशन द्वारा चार सम्मान प्रदान किये जाएंगे।

सीहोर पत्रकारिता की पहचान रहे स्व. बाबा अम्बादत्त भारतीय की स्मृति में स्थापित शिवना सम्मान जो पत्रकारिता अथवा शोध पुस्तक हेतु प्रदान किया जाता है, वह साहित्यकार  स्वाति तिवारी को उनकी सामयिक प्रकाशन से प्रकाशित भोपाल गैस कांड पर लिखी गई बहुचर्चित पुस्तक ‘सवाल आज भी ज़िंदा है’ हेतु प्रदान किया जाएगा। स्‍वाति तिवारी मध्‍यप्रदेश संदेश पत्रिका की सह संपादक हैं वे भोपाल में जनसंपर्क विभाग में पदस्थ हैं तथा देश की ख्यातिनाम कहानीकार हैं।

पैंतीसवा जनार्दन शर्मा सम्मान प्रतिष्ठित कवि मोहन सगोरिया को साखी प्रकाशन से प्रकाशित उनकी कविता पुस्तक ‘दिन में मोमबत्तियाँ’ हेतु प्रदान किया जायेगा। वर्तमान में हिन्दी कविता के महत्त्वपूर्ण कवि मोहन सगोरिया इलेक्‍ट्रानिकी आपके लिये पत्रिका के सह संपादक हैं उनके इस संग्रह में उनकी एक ही विषय नींद पर लिखी कविताएँ संकलित हैं।

गीतकार स्व. रमेश हठीला की स्मृति में दिया जाने वाला शिवना सम्मान वरिष्ठ शायरा  इस्मत ज़ैदी को प्रदान किया जायेगा। सतना मध्यप्रदेश की ज़ैदी अपनी सांप्रदायिक सौहार्द तथा अमन-शांति की ग़ज़लों के लिये एक जाना पहचाना नाम हैं।

गीतकार श्री मोहन राय की स्मृति में दिया जाने वाला शिवना सम्मान सीहोर के ही वरिष्ठ शायर रियाज़ मोहम्मद रियाज़ को दिया जा रहा है। अपनी अनूठी तथा अलग मिज़ाज की ग़ज़लों के लिये  रियाज़ श्रोताओं के बीच बहुत सराहे जाते हैं।

सम्मानों हेतु नाम चयन करने के लिये एक समिति का गठन प्रोफेसर डॉ. पुष्पा दुबे की अध्यक्षता में किया गया था, चयन समिति ने सर्व सम्मति से सम्मानों के लिये इन तीनों नामों का चयन किया है।

nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

वैलेंटाइन डे पर विशेष - 'प्रेम के नौ स्वर' - ऋत्विक भारतीय की कविताएं | Valentine Day Poetry in Hindi
असग़र वजाहत का नाटक 'ईश्वर-अल्लाह'  | Asghar Wajahat's Play 'Ishwar-Allah'
आन्तरिक तार्किकता की खोज ~ मृदुला गर्ग की 'सम्पूर्ण कहानियाँ' | Mridula Garg Complete Stories
ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
वह कलेक्टर था। वह प्रेम में थी। बिल उसने खुद चुकाया। | ग्रीन विलो – अनामिका अनु
 प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani
चित्तकोबरा क्या है? पढ़िए मृदुला गर्ग के उपन्यास का अंश - कुछ क्षण अँधेरा और पल सकता है | Chitkobra Upanyas - Mridula Garg
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
काटो | आलोक रंजन की कहानी | हिंदी साहित्य | शब्दांकन