मुंबई की कथाकार सुमन सारस्वत का शिलांग में सम्मान | Suman Saraswat (Mumbai) Awarded in Shillong - #Shabdankan

मुंबई की कथाकार सुमन सारस्वत का शिलांग में सम्मान | Suman Saraswat (Mumbai) Awarded in Shillong

Share This

मुंबई की कथाकार सुमन सारस्वत का शिलांग में सम्मान | Suman Saraswat (Mumbai) Awarded in Shillong

मुंबई की कथाकार सुमन सारस्वत का शिलांग में सम्मान 

मुंबई की जानीमानी कथाकार और वरिष्ठ पत्रकार सुमन सारस्वत को शिलांग, मेघालय में पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी द्वारा आयोजित 'राष्ट्रीय हिन्दी विकास सम्मेलन' में डॉ महाराज कृष्ण जैन स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया । इस अवसर पर विधि सारस्वत और आरंभ सारस्वत को लोकनृत्य के लिए पुरस्कार दिया गया ।

गत सप्ताह पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी द्वारा शिलांग में तीन दिवसीय भारतीय हिन्दी लेखक सम्मान समारोह, कवि-गोष्ठी एवं पर्यटन शिविर का आयोजन किया गया था । जिसमें देशभर के डेढ़ सौ से अधिक प्रमुख रचनाकारों ने भाग लिया । पहले दिन अकादमी के सचिव डॉ अकेला भाई, संयोजिका उर्मि कृष्ण और अध्यक्ष विमल बजाज ने  लेखकों को सम्मानित किया । इस अवसर पर कवि-सम्मेलन के पहले सत्र का संचालन मुंबई की सुमन सारस्वत ने किया। मुंबई की कवयित्री रश्मि नायर ने अपनी कविता सुनाई।


 दूसरे दिन आयोजित सांस्कृतिक संध्या का संचालन भी सुमन सारस्वत ने किया। महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व मुंबई के भाई-बहन आरंभ सारस्वत (कक्षा 9वीं, केंद्रीय विद्यालय,आई आई टी) और विधि सारस्वत ( द्वितीय वर्ष- बी एम एम, लाला लाजपत राय कॉलेज, महालक्ष्मी ) ने देश के विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य की झांकी 'देस मेरा रंगीला' प्रस्तुत कर सभी दर्शकों का मन मोह लिया। इस प्रस्तुति के लिए दोनों भाई-बहन को गोल्ड मेडल तथा प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शिलांग, नेपाल, पंजाब, उत्तर-प्रदेश, असम, प. बंगाल, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के कलाकारों ने नृत्य-गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया।

तीसरे दिन वर्षा के लिए विश्व प्रसिद्ध चेरापूंजी, मौसमाई गुफा, सेवन सिस्टर्स वॉटर फॉल, थांगखरांग पार्क, बांग्लादेश सीमा, ईको पार्क के भ्रमण के दौरान मेघालय की सांस्कृतिक और भौगोलिक विरासत से परिचय कराया गया ।

शिलांग से निकलनेवाली अंग्रेजी मासिक पत्रिका 'ईस्टर्न पैनोरामा' के एडिटर-इन-चीफ डॉ कमल झुनझुनवाला ने सुमन सारस्वत का पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए अपने कार्यालय में शॉल, श्रीफल, पुस्तकें आदि देकर सम्मान किया।        

००००००००००००००००

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

osr2522
Responsive Ads Here

Pages