'वर्तमान साहित्य' सितम्बर 2015 'Vartman Sahitya' September


वर्तमान साहित्य

साहित्य, कला और सोच की पत्रिका

वर्ष 32 अंक 9,  सितम्बर, 2015

सलाहकार संपादक:  रवीन्द्र कालिया | संपादक: विभूति नारायण राय | कार्यकारी संपादक: भारत भारद्वाज | कला पक्ष: भरत तिवारी
संपर्क: vartmansahitya.patrika@gmail.com 

--------------------------------------------------------------
संपादकीय
कबिरा हम सबकी कहैं / भारत भारद्वाज
आलेख
ग़दर के मृत्युंजय महानायक - सरदार पृथ्वी सिंह / प्रदीप सक्सेना
आधी सदी अँधेरे में... / डॉ. चन्द्रकुमार जैन
स्मृति
‘ओस की बूँद’ का घर / राजेन्द्र वर्मा
धारावाहिक उपन्यास–4
कल्चर वल्चर / ममता कालिया
चर्चित कहानी बनाम प्रिय कहानी
जख़्म / असग़र वजाहत
आत्मवक्तव्य - लेखक सौ प्रतिशत केवल पाठक के साथ होता है / असग़र वजाहत
चर्चा - प्रचलित आचरण के विरुद्ध / शंभुनाथ मिश्र
कविताएँ
शिरीष कुमार मौर्य
पुनर्पाठ
युद्ध / शानी
समीक्षा
‘काला जल’ शानी का कृति–स्तंभ और समाधि–लेख / भारत भारद्वाज
कहानी
साढ़े साती / कृष्ण बिहारी
होलसेल हब / प्रमोद राय
आब–दाना / दीपक शर्मा
मीडिया
नये मीडिया की नई चुनौतियां / प्रांजल धर
स्तम्भ
रचना संसार / सूरज प्रकाश
तेरी मेरी सबकी बात / नमिता सिंह
सम्मति - इधर–उधर से प्राप्त प्रतिक्रियाएं


आवरण के छायाकार ऋत्विक भारद्वाज
००००००००००००००००
nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

वैलेंटाइन डे पर विशेष - 'प्रेम के नौ स्वर' - ऋत्विक भारतीय की कविताएं | Valentine Day Poetry in Hindi
असग़र वजाहत का नाटक 'ईश्वर-अल्लाह'  | Asghar Wajahat's Play 'Ishwar-Allah'
आन्तरिक तार्किकता की खोज ~ मृदुला गर्ग की 'सम्पूर्ण कहानियाँ' | Mridula Garg Complete Stories
ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
चित्तकोबरा क्या है? पढ़िए मृदुला गर्ग के उपन्यास का अंश - कुछ क्षण अँधेरा और पल सकता है | Chitkobra Upanyas - Mridula Garg
मैत्रेयी पुष्पा की कहानियाँ — 'पगला गई है भागवती!...'
 प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
NDTV Khabar खबर