'वर्तमान साहित्य' अक्टूबर 2015 'Vartman Sahitya' October


वर्तमान साहित्य

साहित्य, कला और सोच की पत्रिका


वर्ष 32 अंक 10,  अक्टूबर , 2015

सलाहकार संपादक:  रवीन्द्र कालिया | संपादक: विभूति नारायण राय | कार्यकारी संपादक: भारत भारद्वाज | कला पक्ष: भरत तिवारी
संपर्क: vartmansahitya.patrika@gmail.com 

--------------------------------------------------------------


आलेख
मुस्लिम नवजागरण के अग्रदूत क्यों नहीं हो सकते मौलवी अब्दुल हफ़ीज मोहम्मद बरकतुल्ला / प्रदीप सक्सेना
महावीर प्रसाद द्विवेदी का अर्थशास्त्रीय चिंतन/ भारत यायावर
धारावाहिक उपन्यास–5
कल्चर वल्चर / ममता कालिया
बहस–तलब 
कविताएं
अशोक पाण्डे / सुरेश सेन निशान्त / फीरोज़ शानी
कहानी
चिल मार / जया जादवानी
भीड़ / एस. अहमद
उजाले की सुरंग / जीवन सिंह ठाकुर
पुस्तक चर्चा
‘अरविंद सहज समांतर कोश’ के बहाने / डॉ. योगेन्द्र नाथ मिश्र
समीक्षा
कवि महेंद्र भटनागर का चाँद / खगेंद्र ठाकुर
सुबह होगी / अणिमा खरे
मीडिया
मीडिया का हालिया तकनीकी नियतिवाद / प्रांजल धर
रपट
राग भोपाली : देख तमाशा हिंदी का / त्रिकालदर्शी
स्तम्भ
रचना संसार / सूरज प्रकाश
तेरी मेरी सबकी बात / नमिता सिंह
सम्मति :  इधर–उधर से प्राप्त प्रतिक्रियाएं


आवरण के छायाकार: भरत तिवारी
००००००००००००००००

nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
मन्नू भंडारी की कहानी — 'रानी माँ का चबूतरा' | Manu Bhandari Short Story in Hindi - 'Rani Maa ka Chabutra'
भवतु सब्ब मंगलं  — सत्येंद्र प्रताप सिंह | #विपश्यना
 प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani
Hindi Story: दादी माँ — शिवप्रसाद सिंह की कहानी | Dadi Maa By Shivprasad Singh
Hindi Story: कोई रिश्ता ना होगा तब — नीलिमा शर्मा की कहानी
NDTV Khabar खबर
मैत्रेयी पुष्पा की कहानियाँ — 'पगला गई है भागवती!...'