"इस इंडियन को निकालो" — न्यूयार्क में पाकिस्तान


'Iss Indian ko nikalo' : Indian journalist asked to leave Pakistani media briefing in New York

Pakistani Foreign Secretary Aizaz Ahmad Chaudhry (Photo India TV)


सोमवार को न्यूयार्क में पाकिस्तान के विदेश सचिव एजाज अहमद चौधरी की होने वाली मीडिया ब्रीफिंग में एक भारतीय पत्रकार को अभद्र तरीके से बाहर निकल जाने के लिए कहा गया ।



घटना रूजवेल्ट होटल की है, जहां कथित तौर पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा एक अंग्रेजी न्यूज चैनल के भारतीय पत्रकार को कमरे से हटाने के लिए कहा गया।

सोमवार को हुए पाकिस्तान के विदेश सचिव के इस प्रेस सम्मेलन में कथित तौर पर किसी भी भारतीय पत्रकार को में भाग लेने की अनुमति नहीं  दी गयी थी।

"इस इंडियन को निकालो" मीडिया ब्रीफिंग टीम ने पाकिस्तानी अधिकारियों को कथित तौर पर यह निर्देश दिया था। भारतीय पत्रकार को तब अभद्र तरीके से कमरे से बाहर जाने को कहा गया।




पाकिस्तान ने यह ब्रीफिंग संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के के मौके पर आयोजित की थी जहां दोनों देशों से कश्मीर और बलूचिस्तान के मुद्दों को उठाने की उम्मीद की जा रही है ।
००००००००००००००००
nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

1 टिप्पणियाँ

  1. कहाँ कहाँ से निकालोगे साहब ...

    डर के आगे हिंदुस्तान है |

    कभी किसी ने फर्स्ट क्लास से निकाले जाने की कोशिश की थी उसे देश से निकाल के दम लिया ,
    कुछ ने कश्मीर निकालने की कोशिश की और खुद से दूर हो गए,अब क्या आप तोह खुद ही कहीं के नहीं रहे|
    कामयाब दुश्मन भी वही होता है जो कामयाबी को अपनी कुव्वत से नहीं दानिशमंदी से हासिल करे |
    जीते रहे हैं शान से हिंदुस्तानी .... जय हिंद , वन्दे मातरम , जय जवान

    जवाब देंहटाएं

ये पढ़ी हैं आपने?

ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
चित्तकोबरा क्या है? पढ़िए मृदुला गर्ग के उपन्यास का अंश - कुछ क्षण अँधेरा और पल सकता है | Chitkobra Upanyas - Mridula Garg
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
परिन्दों का लौटना: उर्मिला शिरीष की भावुक प्रेम कहानी 2025
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
मैत्रेयी पुष्पा की कहानियाँ — 'पगला गई है भागवती!...'
ऐ लड़की: एक बुजुर्ग पर आधुनिकतम स्त्री की कहानी — कविता
बिहारियों का विस्थापन: ‘समय की रेत पर’ की कथा
Hindi Story: कोई रिश्ता ना होगा तब — नीलिमा शर्मा की कहानी
Hindi Story: दादी माँ — शिवप्रसाद सिंह की कहानी | Dadi Maa By Shivprasad Singh