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सियासत करवाती है युद्ध — डॉ. पुष्पलता अधिवक्ता #SurgicalStrike


सियासत करवाती है युद्ध — डॉ. पुष्पलता अधिवक्ता

नफा नुकसान बताने में देश की सुरक्षा पर आघात नहीं होता

— डॉ. पुष्पलता 


मोदी जी और सेनाध्यक्ष मुंह खोलें या राष्ट्रपति स्थिति को साफ करें भक्त कह रहे हैं मोदी ने पाकिस्तान को नेस्तनाबूद कर दिया । मोदी ने भारत को अमेरिका इजराइल बना दिया । कुछ कह रहे हैं ये सब अमित शाह को बचाने को किया सेना का इस्तेमाल था । सेना अपने ही देश के अभिन्न अंग कश्मीर में थी । पाकिस्तान में नहीं घुसी थी। यह एक रूटीन कार्यवाही थी जो होती रहती है। जिससे प्रधानमंत्री का कभी कोई हस्तक्षेप नहीं होता । जिसे भक्तों ने मोदी जी, भाजपा ने भुनाने की कोशिश में शोर मचाया मचवाया । बंसल परिवार की पत्नी बेटी के साथ हुए कांड से अमितशाह का नाम सुसाइड नोट में था । जो छिपाने की कोशिश है मगर वह नोट फेसबुक पर है । उसका परिवार और हवाई जहाज सहित हमारे आठ जवान गायब है,  एक पकड़ा गया है। पकडे जाने की सेना ने पुष्टि की है ।




बात देश के सम्मुख स्पष्ट की जाये हमारा नफा नुकसान क्या हुआ। राहुल गांधी, सोनिया,  केजरीवाल ने मजबूरी में जनता का रुख देखकर पक्ष में बोला उनकी भी मजबूरी है वोट की। कृपया रोज-रोज मन की बात कहने वाले मोदी जी, राष्ट्रपति या सेनाध्यक्ष सच्चाई बयान करें । गुमराह न करें। नफा नुकसान बताने में देश की सुरक्षा पर आघात नहीं होता। सच क्या है कृपया बताएं। चैनल विश्वसनीयता खो चुके और भक्त बिना कुछ जाने पिल पड़ते हैं । मुझे सच नहीं मालूम शायद आपको भी नहीं है । मोदी विरोधी भी देश के मामले में अपनी मानसिकता को स्वच्छ रखकर ही पोस्ट डालें,  झूठ न फैलाएं । वें हमारे देश के प्रतिनिधि उनकी जीत हमारी जीत । उनकी हार हमारी हार, हमारे देश की हार । ईश्वर से कामना वें देश में हारें या जीतें मगर विदेश में हमेशा शीर्ष पर रहें। जीतें,  सम्मान पाएं । उनके सम्मान में है हमारा सम्मान।


सेना अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि ये रूटीन कार्यवाही थी जो होती रहती है । इसमें नफा नुकसान भी होता रहता है । इस बार भी हमारे सैनिक मारे गए । पाक ने भी आठ भारतीय सैनिक मरने की बात कही थी । अभी भी बयान गोल मोल है। उनके कितने मरे,  हमारे कितने यह स्पष्ट किया जाये। कृपया सच बताएं मोदी जी, सेना अध्यक्ष जी,  राष्ट्रपति जी। नवाज को गद्दी बचानी है अपनी, वह सोते सैनिकों पर हमला करवाता है या सेना खुद करती है यह मायने नहीं रखता । यह सच है सियासत करवाती है युद्ध । वही तनाव बढाती है। जिनके बेटे पति भाई सेना में हैं उनसे पूछिये उनपर क्या गुजरती है। मैं एक सैनिक की बेटी हूँ इसलिए जानती हूँ सैनिकों की हालत। चार मिनट पहले दूसरी तरफ के सैनिक के साथ आत्मीय बात कर रहे साथ खड़े चाय तक पी रहे व्यक्ति को उसी के विरुद्ध बन्दूक ताननी पड़ती है रोबोट की तरह । जो युद्ध से खुश होते हैं वे मूर्ख लोग हैं। कभी-कभी मजबूरी हो जाती है युद्ध का समर्थन करना, जब कोई विकल्प नहीं रहता  । युद्ध में इंसान लड़ते हैं मुर्गे नहीं जो खुश हो जाएँ। जो खुश होते हैं अपने बेटों को भेजकर मरवाकर देखें । खुद जाकर खाना नहीं पहुंचा सकते उनके लिए ये उछल उछलकर तालियां पीटने वाले । सत्ता चाहे तो एक महीने में दोनों देशों में मधुर सम्बन्ध स्थापित हो जाएँ। जिसकी टोपी खिसकने लगती है वही जनता का ध्यान हटाने, भ्रमित करने, असली मुद्दों से ध्यान हटाने को युद्ध का आवाहन कर देता है । अमेरिका अपनी टोपी के चक्कर में,  चीन अपनी टोपी के चक्कर में आतंकवाद का राक्षस जीवित रखना चाहता है वरना मजाल कोई नन्हा सा देश आतंकवाद को पालता पोषित करता रहे। लगता है चीन और अमेरिका विश्व युद्ध करवाकर ही दम लेंगे। वे इसकी नकेल नहीं कसते । भारत चीन के सामान के आयात पर रोक लगाये हिंदुस्तानी उसके सामान का बहिष्कार करें। जो उसके सामान को खरीदेगा बेचेगा उसे आगे से देशद्रोहियों की श्रेणी में रखा जाये । हमें आजादी बरकरार रखने के लिए फिर से स्वदेशी पर लौटना पड़ेगा तभी हम चीन जैसी अमेरिका जैसी महाशक्तियों से खुद को स्वाभिमान के साथ सुरक्षित कर सकते हैं। हे महाशक्ति माँ दुर्गे दुष्टों का संहार कर उन्हें बेपर्दा कर उनकी शक्ति हर।

उपरोक्त लेखक के निजी विचार हैं 

डॉ. पुष्पलता 

अधिवक्ता
253/A, साउथ सिविल लाइन
मुज़फ़्फ़र नगर (उ. प्र.) 251001
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