चतुर बनिया पार्टी ! — कृष्णा सोबती #KrishnaSobti #ChaturBaniyaParty

चतुर बनिया पार्टी! — कृष्णा सोबती
चतुर बनिया पार्टी! — कृष्णा सोबती

चतुर बनिया पार्टी!

— कृष्णा सोबती

साहित्य अकादमी सम्मानित कृष्णा सोबतीजी 92 वर्ष की युवा हैं। बीते दिनों उनकी तबीयत ठीक नहीं रही और वह हफ्ता नर्सिंग होम में बिताकर कल घर लौटीं। रात में उनसे बात हो रही थी और उन्होंने कहा, अस्पताल में मैंने कुछ लिखा है, तभी से सोच रही थी कि तुम तक पहुँचा दूँ, देख लेना!

क्या देखूँ और क्या न देखूँ कृष्णाजी, आप हम सबकी शक्ति हैं। हम सब आपकी शक्ति के उजाले से ही अपने अंधेरों को काटते हैं... सलाम आपको!!!

कृष्णा जी ने जो लिखा वह यह रहा:

मुहजोर मुहतोड़ समयों में

बापू के लिए 'चतुर बनिया' बहुत ही सजीला लग रहा है।

श्रीमान यह आपका कमाल है कि

बिना विज्ञापन पर खर्चा किये

आप अपनी पार्टी की पब्लिसिटी कर रहे हैं।

आप जानते ही हैं कि आपकी पार्टी को भी लोग

चतुर बनिया पार्टी

पुकारते हैं।


कृष्णा सोबती


📚 कृष्णा सोबती विशेष

क्या आपने कृष्णा सोबती की अन्य रचनाएँ पढ़ी हैं? शब्दांकन पर उपलब्ध उनकी कहानियाँ, उपन्यास, कविताएँ, संस्मरण, लेख, पत्र, साक्षात्कार और जीवनी का विस्तृत संग्रह यहाँ पढ़ें।

📖 कृष्णा सोबती : शब्दांकन पर उपलब्ध समस्त रचनाएँ

(ये लेखक के अपने विचार हैं।)

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
चित्तकोबरा क्या है? पढ़िए मृदुला गर्ग के उपन्यास का अंश - कुछ क्षण अँधेरा और पल सकता है | Chitkobra Upanyas - Mridula Garg
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
पानियों पर लिखे बेवतन लोगों के अफ़साने — कहानी — मधु कंकरिया | Hindi Story on Stranded Pakistanis by Madhu Kankaria
मैत्रेयी पुष्पा की कहानियाँ — 'पगला गई है भागवती!...'
समीक्षा: मुजीब रिज़वी की किताब ‘सब लिखनी कै लिखु संसारा: पद्मावत और जायसी की दुनिया’ — दिव्या तिवारी | Padmavat Aur Jayasi Ki Duniya
Hindi Story: 'शतरंज के खिलाड़ी' — मुंशी प्रेमचंद की हिन्दी कहानी
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
आज का नीरो: राजेंद्र राजन की चार कविताएं
Harvard, Columbia, Yale, Stanford, Tufts and other US university student & alumni STATEMENT ON POLICE BRUTALITY ON UNIVERSITY CAMPUSES