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के सच्चिदानंदन को 'एज्हुथाचन पुरस्कारम' और प्रकाश के रे

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तेरह बरस की लड़की | हकलाहट

के सच्चिदानंदन की दो कवितायेँ


प्रकाश के रे
मलयालम साहित्य में मॉडर्निज़्म के सशक्त हस्ताक्षर किय्यमपरम्बत सच्चिदानंदन (K. Satchidanandan) को केरल साहित्य अकादमी (केरल सरकार के अधीन त्रिशूर में स्थित स्वायत्त संस्थान) के शीर्ष साहित्यिक सम्मान एज्हुथाचन पुरस्कारम (मलयालम साहित्य के जनक के पर दिया जाने वाला सम्मान) से नवाज़ा जायेगा. वे कवि होने के साथ आलोचक और निबंधकार भी हैं. लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्षधर के सच्चिदानंदन सम-सामयिक मुद्दों पर लगातार बोलते और लिखते रहे हैं. उनके 30 काव्य-संग्रह, 25 लेख-संग्रह और देशी-विदेशी कवियों की रचनाओं के अनुवाद के 20 संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं. उनकी अपनी रचनाएं अनेक भाषाओं में अनुदित हो चुकी हैं. इस पुरस्कार के लिए के सच्चिदानंदन को बधाई देते हुए प्रस्तुत हैं लेखक-पत्रकार प्रकाश के रे द्वारा अंग्रेज़ी से अनुदित उनकी दो कविताएं...


तेरह बरस की लड़की   |  The Girl of Thirteen

तेरह बरस की लड़की
तेरह बरस का लड़का नहीं होती
वह मर गयी है दुःस्वप्नों में डूब कर
भूल चूकी है अब तक अपनी तितलियाँ
वह लोरियों को पीछे छोड़
अँधेरे की कंदराओं से गुज़र चुकी है

 तेरह बरस की लड़की तैंतालिस बरस की है
 वह ठीक और ग़लत स्पर्श में भेद कर सकती है
 वह जानती है कि बचे रहने के लिए
 झूठ बोलने में बुराई नहीं है
 वह जानती है युद्ध लड़ना
 अपने दाँतों से या अपने गीतों से
 तुम केवल गुलाब देखते हो उसके बदन पर
 जबकि वह काँटों से भरा हुआ है

  तेरह बरस की लड़की उड़ सकती है
  वह सूरज को और किताबों को
  सिर्फ़ पुरुषों के लिए नहीं छोड़ना चाहती
  उसका झूला चाँद की परिक्रमा करता है
    और उदासी से पागलपन तक जाता है
  वह राजकुमार के सपने नहीं देखती
  जैसा कि तुम शायद सोचते हो

तेरह बरस की लड़की के पाँव पाताल में हैं
और वह इंद्रधनुष को छूती है
एक दिन वह हाथ में तलवार लिये
सफ़ेद घोड़े पर सवार आयेगी

खुरों की आवाज़ को बादलों में गूँजते
      सुनते हुए तुम जानोगे कि
  दसवें अवतार की पुराणों की भविष्यवाणी
  एक स्त्री है.


अंग्रेज़ी से हिंदी अनुवाद प्रकाश के रे
The girl of thirteen
is not the boy of thirteen.
She has died drowning in nightmares
until she forgot her butterflies.
She has passed through caverns of darkness
leaving the lullabies behind.

The girl of thirteen is forty-three.
She knows a bad touch from a good one
She knows it’s not wrong
to tell a lie in order to survive.
She knows how to fight a war,
with teeth or with songs.
You see only the rose on her body;
but it’s full of thorns

The girl of thirteen can fly.
She doesn’t want to leave the sun
and books just for men.
Her swing circles the moon
and moves from melancholy to madness.
She doesn’t dream of the prince
as you seem to think.

The girl of thirteen has her feet
in the netherworld even as she
touches the rainbow.
One day, sword in her hand, she
will come riding a white horse.
Listening to the hooves echo in the clouds
you will know, the tenth avatar in the puranas prophesy is a woman.


K Satchidanandan (സച്ചിദാനന്ദന്‍) translated from Malayalam by the poet


हकलाहट   |  Stammer 

हकलाहट कमज़ोरी नहीं है.
बात करने का एक अंदाज़ है.

हकलाहट वह चुप्पी है
जो लफ़्ज़ और मानी के बीच आती है,
जैसे कि लैगड़ापन
लफ़्ज़ और अमल के बीच की चुप्पी है.

हकलाहट ज़ुबान से पहले आयी
या फिर बाद में?
  क्या यह महज़ एक बोली है
  या फिर अपने आप में पूरी ज़ुबान?
     इन सवालों पर हकलाने लगते हैं
     ज़ुबानों के आलिम.

हर बार जब हम हकलाते हैं
मानी के ख़ुदा को
कुर्बानी चढ़ाते हैं.

जब एक पूरी क़ौम हकलाती है
हकलाना उसकी मादरी ज़ुबान बन जाती हैः
  जैसा कि अभी यह हमारी मादरी ज़ुबान है.

    जब उसने आदमी को बनाया होगा
हकलाया होगा ज़रूर ख़ुदा भी.
    इसीलिए तो आदमी के सब लफ़्ज़ों के
    मानी अलग-अलग होते हैं.

इसीलिए तो जब भी बोलता है
दुआ करने से लेकर हुक्म देने तक
वह हकलाता है,
शायरी की तरह.


अंग्रेज़ी से हिंदी अनुवाद प्रकाश के रे
A stammer is no handicap.
It is a mode of speech.

A stammer is the silence that falls
between the word and its meaning,
just as lameness is the
silence that falls between
the word and the deed.

Did the stammer precede language
or succeed it?
Is it only a dialect or a 
language itself? These questions
make linguists stammer.

Each time we stammer
we are offering a sacrifice 
to the God of Meanings.

When a whole people stammer
stammer becomes their mother tongue:
as it is with us now. 

God too must have stammered
when He created Man.
That is why all the words of man
carry different meanings.
That is why everything he utters
from his prayers to his commands
stammers,
like poetry.


K Satchidanandan (സച്ചിദാനന്ദന്‍) translated from Malayalam by the poet


Edwin Thumboo, Eliah Mwaifuge, K Satchidanandan, Zurinah Hassan and Arundhathi Subramaniyam (March 3, 2014, Sahitya Akademi) Photo (c) Bharat Tiwari
Edwin Thumboo, Eliah Mwaifuge, K Satchidanandan, Zurinah Hassan and Arundhathi Subramaniyam (March 3, 2014, Sahitya Akademi) Photo (c) Bharat Tiwari


(कविताओं के सर्वाधिकार सुरक्षित 'लेखकों/प्रकाशकों के हैं।)
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