June 2018 - #Shabdankan
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साहित्यिक, सामाजिक ई-पत्रिका Shabdankan


रुपया 7000 करोंड़ का तेल लेने गया स्विस बैंक में — सौरभ राय

Saturday, June 30, 2018 0
स्विस बैंक में 7000 करोंड़ और फिर... अच्छे दौर की सबसे बुरी सरकार? — सौरभ राय ...अब जब सबको समझ आ गया है कि माननीय प्रधानमंत्री...
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चित्रकार जे स्वामीनाथन की 90वीं जयंती पर सविता सिंह की कवितायें

Thursday, June 28, 2018 0
चित्रकार  जे स्वामीनाथन की 90वीं जयंती को प्रयाग शुक्ल जी ने, 21 जून को, बहुत करीने और बहुत दिल से कनॉट प्लेस, दिल्ली में मौजूद दे...
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पंखुरी सिन्हा की कवितायेँ | Pankhuri Sinha Ki Kavitayen

Saturday, June 23, 2018 0
छोटी-छोटी लाइनों में  ख़ूब बड़ी-बड़ी बात बताते हुए, दंभ को परे सरकाए, दूर भगाए, शहर में ज़िंदगी को ढूंढते हुए, छोटे-छोटे शब्दों को करीने स...
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6 लघु प्रेम कथाएं — गौरव सक्सेना "अदीब" | #लप्रेक

Friday, June 22, 2018 0
तकिये में एक दिल होता है — गौरव सक्सेना "अदीब" सो गए तुम "नहीं तो जाग रहा हूँ, क्यों?” क्यों जाग रहे हो वैसे...
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जयश्री रॉय की कहानी — इक्क टका तेरी चाकरी वे माहिया...

Thursday, June 21, 2018 0
प्यार, अभिलाषा, जुनून, ज़मीन, रोमांच, प्रकृति जयश्री रॉय की कहानी 'इक्क ट्का तेरी चाकरी वे माहिया...' इन सब को जोड़ती-तोड़ती और म...
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व्यंग्य ― स्वार्थ के बवंडर तले राजधानी ― डॉ अनिता यादव

Tuesday, June 19, 2018 0
सियासी धुंधलके को हटाना ‘पायजामें में नाड़ा डालने’ जैसा नहीं हैं। न ही बापू की तरह बैठ कर चरखा चलाने सरीखा बल्कि कंजूस की गांठ से पैसा...
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दलित राजनीति के अलावा भी 'काला' को देखने के संदर्भ हैं — प्रकाश के रे | #Kaala

Monday, June 18, 2018 0
कोई फिल्म या कहानी एक रचनात्मक प्रक्रिया से गढ़ी जाती है, पर उसका एक संदर्भ-बिंदु जरूर होता है. इसी में अनेक तत्वों को मिलाकर कथानक बनता...
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