उषा उथुप की जीवनी ‘उल्लास की नाव’ का लोकार्पण



भारतीय पॉप संगीत की महारानी उषा उथुप की जीवनी ‘उल्लास की नाव’ का लोकार्पण

विकास कुमार झा ने अथक प्रयासों से इस जीवनी को तैयार किया है जिसमें उषा उथुप के जीवन के लगभग हर पहलू को वे सामने ला सके हैं।

(ब्यूरो)



भारत में पॉप संगीत को एक नया आयाम, नई ऊंचाई देने वालीं उषा उथुप की विकास कुमार झा द्वारा लिखित आधिकारिक जीवनी 'उल्लास की नाव' का लोकार्पण मंगलवार की शाम इंडिया नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में किया गया। अपने स्वागत वक्तव्य में राजकमल प्रकाशन समूह के प्रबंध निदेशक अशोक महेश्वरी ने कहा "किताब की पांडुलिपि देखने के बाद मैं चकित रह गया। उषा जी की जीवनी न केवल सुन्दर ढंग से लिखी हुई थी, बल्कि उसे उषा जी ने अपनी आधिकारिक जीवनी का मान भी दिया था। यह हमारे लिए, बल्कि हिंदी के लिए गौरव की बात थी।"

उषा उथुप की जीवनी 'उल्लास के नाव' का लोकार्पण सुप्रसिद्ध चित्रकार अंजली इला मेनन, वरिष्ठ पत्रकार कावेरी बामजाई, किताब के लेखक विकास कुमार झा और राजकमल प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अशोक महेश्वरी ने किया।

किताब पर बातचीत करते हुए कावेरी बामजाई ने कहा "क्षण भर की खुशी के लिए उषा जी को बहुत आँसू बहाने पड़े।'

किताब लिखने के दौरान उषा जी के साथ अपने अनुभवों को साझा करते हुए लेखक विकास कुमार झा ने इस किताब की रचना प्रक्रिया के सम्बन्ध में कई दिलचस्प किस्सों से रूबरू करवाया। उन्होनें कहा -' यह उस साधारण स्त्री के जीवन की कथा है, जिसने कई असाधारण काम किये।'

पूरे कार्यक्रम के दौरान भावुक और अपने आसुओं को रोकते हुए उषा ने अपने पारिवारिक जीवन के कई किस्से सुनाए। उन्होनें कहा ' 70 के दसक में, मैं अंग्रेजी गाने गाती थी जिसके लिए मुझे लोगों ने बहुत ताने भी दिए। लेकिन संगीत मेरी आस्था है और इसके साथ मैंने जीवन की सारी बाधाओं को पार किया है। '

देश दुनिया के बाईस भाषाओँ में गाने गाने वाली संगीतकार उषा उथुप ने अपने मशहूर गाने श्रोताओं के सामने प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शाम में चार चाँद लगा दिए।

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