advt

नई क़लम: क़िस्सा — 'शहतूत' — रोहन सक्सेना की हिंदी कहानी

जून 13, 2020



देहरादून के युवा लेखक इंजीनियर रोहन सक्सेना और उनकी छोटी हिंदी कहानी, क़िस्सा 'शहतूत' का शब्दांकन के स्तंभ नई क़लम  में स्वागत है. दुआ है कि रोहन की क़िस्सागोई ख़ूब फलेफूले. 

शहतूत

रोहन सक्सेना की हिंदी कहानी 

बात बहुत आसान है। आपकी और मेरी नींद में कई सारे ख़्वाब दफ़्न हैं। रात महज़ आकर उन ख़्वाबों के ऊपर से मिट्टी उठा देती है, बस। कोई ख़्वाब कैसा होगा, क्यों होगा, फिर होगा कि नहीं होगा, ये बात न रात तय करती है न हम। पर ये सवाल बहुत ज़रूरी है कि एक ख़्वाब आपको कब तक और किस हद तक जगा कर रख सकता है।

मुझे आजकल शहतूत दिखाई देता है। वो शहतूत, जो मेरे बगीचे के ठीक बीच में हुआ करता था। शायद मेरा सबसे पुराना दोस्त। उस शहतूत के नीचे मैंने नानी से हर वो कहानी सुनी जो शायद हर बच्चे को सुनाई जाती है। इंसानों की, रहनुमाओं की और ख़ुदाओं की। जब मुझे कोई कहानी सुनायी जाती थी तो मुझे लगता था कि एक शख़्स इतनी कहानियाँ और इतने किरदार कैसे याद रख सकता है। मैं सोचता था कि शायद शहतूत ही किसी तरह से छुपकर मेरी नानी को कहानी बता रहा है।

फ़िर धीरे-धीरे मुझे ये समझ आया कि उस पेड़ का हर शहतूत एक किरदार है और हर टहनी एक किस्सा। और वो पेड़ जड़ों पे नहीं कहानियों पे खड़ा है। उसे ये पता होता था की मुझे किस दिन कौनसी कहानी सुनायी जानी चाहिए। बहुत जानता था वो मुझे। पर वो मुझसे कभी कुछ नहीं कहता था। चुपचाप ऐसे ही खड़ा रहता था। या शायद कुछ कहता भी था तो मैं उसकी बात समझ नहीं पाता था।

एक दिन मैंने सोचा की क्यों ना इसके आस-पास की मिट्टी को हटाकर देख लिया जाए, कि अंदर और कितनी कहानियाँ रहती हैं। मैं तब तक खोदता रहा जब तक मुझे उसकी जड़ें नहीं मिल गयीं। अंदर देखा तो कुछ नहीं था। बस जड़ें थीं। कोई राजा नहीं, कोई फ़क़ीर नहीं कोई शहर नहीं। सिर्फ़ जड़ें।

तभी बगीचे में माली और मेरे नाना आ पहुँचे। मुझे मिट्टी में सना हुआ देखकर और बगीचे में फैलाये गए इंक़लाब से वो काफ़ी नाराज़ हुए। फ़िर मुझे समझाया कि जड़ों से पत्तियों तक खाना और पानी पहुँचता है। अगर मैंने गलती से भी जड़ को नुकसान पहुँचा दिया तो सारा पेड़ भूख और प्यास से सूख के मर जाएगा।

शायद उनके कहने का मतलब ये था की अगर मैंने किसी भी कहानी को कहीं से काट दिया तो उस कहानी के किरदार भूख-और प्यास से तड़पकर दम तोड़ देंगे।

इसी बीच माली नाना को बुलाकर कुछ कहने लगा। मैं बहुत छोटा था तो उनकी बातें मुझे समझ नहीं आयी, पर नाना को आ गयीं। माली की बातें सुनकर वो काफ़ी परेशान हो गए।

अगली सुबह मैं जब स्कूल से लौटा, तो देखा की बगीचे में दो-तीन अनजान लोग कुल्हाड़ी लिए शहतूत को काट रहे थे। बिना रुके और बेरहमी से। जैसे वो पेड़ महज़ किसी लकड़ी का कोई बेजान टुकड़ा हो।

मैं दौड़कर नानी के पास गया और उनसे पूछा, " वो लोग शहतूत क्यों काट रहे हैं?"

नानी ने कहा, " बच्चे, उसकी जड़ों में दीमक लग गयी है, वो कभी भी गिर सकता है।"

मैंने पूछा, "दीमक क्या होती है? वो जड़ों में क्या करती है?"

नानी ने बताया, " दीमक अपना पेट भरने के लिए जड़ों को खाती है, और उसे धीरे-धीरे खोखला बना देती है।"

मुझे उनकी बात बहुत समझ तो नहीं आयी। मैं फ़िरसे दौड़कर बगीचे में गया तो देखा कि मेरा सबसे पुराना दोस्त ज़मीन पर गिर चुका था। उसके कुछ किस्से और किरदार आसपास बिखरे हुए थे। मैं उस वक़्त भी ये नहीं समझ पाया की वो मुझसे क्या कहना चाह रहा है। उसी शाम उसे जला दिया गया। उसका धुआँ हमारे घर में भर गया मानो ख़ुद वो शहतूत भी मेरा बगीचा छोड़कर नहीं जाना चाहता था।

अगली शाम मुझे फ़िर एक नई कहानी सुनायी गयी। वैसी ही, जैसी बाकी कहानियाँ होती थीं। शायद अब नानी किताबों से कहानियाँ याद किया करती थीं, क्योंकि कोई एक शख़्स इतनी कहानियाँ और इतने किरदार तो याद नहीं रख सकता और अब शहतूत भी नहीं था वहाँ।

मुझे कभी कभी लगता है कि मैं वो शहतूत हूँ, और वक़्त दीमक, जो धीरे-धीरे अपना पेट भरने के लिए मेरी कहानियाँ खा रहा है।

रोहन सक्सेना,
बी टेक, देहरादून
मोबाईल: 9413734736
ईमेल: rohansaxena202@gmail.com
००००००००००००००००




टिप्पणियां

टिप्पणी पोस्ट करें

ये पढ़े क्या?

{{posts[0].title}}

{{posts[0].date}} {{posts[0].commentsNum}} {{messages_comments}}

{{posts[1].title}}

{{posts[1].date}} {{posts[1].commentsNum}} {{messages_comments}}

{{posts[2].title}}

{{posts[2].date}} {{posts[2].commentsNum}} {{messages_comments}}

{{posts[3].title}}

{{posts[3].date}} {{posts[3].commentsNum}} {{messages_comments}}

ये कुछ आल टाइम चर्चित

कहानी: दोपहर की धूप - दीप्ति दुबे | Kahani : Dopahar ki dhoop - Dipti Dubey

अरे! देखिए वो यहाँ तक कैसे पहुंच गई... उसने जल्दबाज़ी में बाथरूम का नल बंद कि…

जनता ने चरस पी हुई है – अभिसार शर्मा | Abhisar Sharma Blog #Natstitute

क्या लगता है आपको ? कि देश की जनता चरस पीए हुए है ? कि आप जो कहें वो सर्व…

मुसलमान - मीडिया का नया बकरा ― अभिसार शर्मा #AbhisarSharma

अभिसार शर्मा का व्यंग्य मुसलमान - मीडिया का नया बकरा …

गुलज़ार की 10 शानदार कविताएं! #Gulzar's 10 Marvellous Poems

गुलज़ार की 10 बेहतरीन कविताएं! जन्मदिन मनाइए: पढ़िए नज़्म छनकती है...  गीतका…

मन्नू भंडारी: कहानी - अकेली Manu Bhandari - Hindi Kahani - Akeli

अकेली (कहानी) ~ मन्नू भंडारी सोमा बुआ बुढ़िया है।  …

कहानी "आवारा कुत्ते" - सुमन सारस्वत

रेवती ने जबरदस्ती आंखें खोलीं। वह और सोना चाहती थी। परंतु वॉर्ड के बाहर…

चतुर्भुज स्थान की सबसे सुंदर और महंगी बाई आई है

शहर छूटा, लेकिन वो गलियां नहीं! — गीताश्री आखिर बाईजी का नाच शुर…

प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani

premchand ki kahani  प्रेमचंद के फटे जूते premchand ki kahani — …

अनामिका की कवितायेँ Poems of Anamika

अनामिका की कवितायेँ   Poems of Anamika …

कायरता मेरी बिरादरी के कुछ पत्रकारों की — अभिसार @abhisar_sharma

मैं सोचता हूँ के मोदीजी जब 5, 10 या 15 साल बाद देश के प्रधानमंत्री नहीं …

साल दर साल

एक साल से पढ़ी जाती हैं

कहानी "आवारा कुत्ते" - सुमन सारस्वत

रेवती ने जबरदस्ती आंखें खोलीं। वह और सोना चाहती थी। परंतु वॉर्ड के बाहर…

चतुर्भुज स्थान की सबसे सुंदर और महंगी बाई आई है

शहर छूटा, लेकिन वो गलियां नहीं! — गीताश्री आखिर बाईजी का नाच शुर…

प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani

premchand ki kahani  प्रेमचंद के फटे जूते premchand ki kahani — …

हिंदी कहानी : उदय प्रकाश — तिरिछ | uday prakash poetry and stories

उदय प्रकाश की कहानी  तिरिछ  तिरिछ में उदय प्रकाश अपने नायक से कहल…

मन्नू भंडारी: कहानी - अकेली Manu Bhandari - Hindi Kahani - Akeli

अकेली (कहानी) ~ मन्नू भंडारी सोमा बुआ बुढ़िया है।  …

हिन्दी सिनेमा की भाषा - सुनील मिश्र

आलोचनात्मक ढंग से चर्चा में आयी अनुराग कश्यप की दो भागों में पूरी हुई फिल…

गुलज़ार की 10 शानदार कविताएं! #Gulzar's 10 Marvellous Poems

गुलज़ार की 10 बेहतरीन कविताएं! जन्मदिन मनाइए: पढ़िए नज़्म छनकती है...  गीतका…

अनामिका की कवितायेँ Poems of Anamika

अनामिका की कवितायेँ   Poems of Anamika …

महादेवी वर्मा की कहानी बिबिया Mahadevi Verma Stories list in Hindi BIBIYA

बिबिया —  महादेवी वर्मा की कहानी  mahadevi verma stories list in hind…