'तुम मेरे पास रहो', 'एबाइड विद मी’ को ज़िन्दा रखने की सुरन्या अय्यर द्वारा एक कोशिश

इस बदलते जग में बस
तुम्हीं तो हो जो साथ हो
अटल हो तुम, अचल हो तुम
न साथ मेरा छोड़ना
तुम मेरे पास रहो




‘अबाइड विद मी’ स्तुति को जब बीटिंग द रिट्रीट समारोह से निकाला गया, तो मैंने इस गाने को ज़िन्दा रखने, याद और सुने जाते रहने की एक कोशिश में ये कार्यक्रम आयोजित किया।

सुरन्या अय्यर

‘अबाइड विद मी’ शहीद सैनिकों के लिए श्रद्धांजलि के रूप में पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इसलिए वो गणतंत्र दिवस के उत्सव की समाप्ति का सूचक देने वाली बीटिंग द रिट्रीट समारोह में अच्छी तरह से फिट बैठता था। उसके गांधीजी के पसंदीदा होने की वजह से, वो बीटिंग द रिट्रीट के अंत में, हमें उनके अहिंसा और भाईचारे के सन्देश की याद दिलाता हुआ एक प्रतीक था। जो बलिदान एक सैनिक को हमारे लिए करने पड़ता है, उसके भार को देखते हुए यह और भी महत्वपूर्ण है की हम शांति की तलाश करें, न की युद्ध छेडें। भावों और इतिहास की इन परतों ने ‘अबाइड विद मी’ के बीटिंग द रिट्रीट के अंत में बजने को भारत में और भी महत्वपूर्ण और मार्मिक बना दिया।

कार्य सफलता से होने की खुशी 
दायें से उ० आरिफ अली खान, निर्माता: सुरन्या अय्यर, निर्देशक: अवनि बत्रा, और भरत तिवारी 

‘अबाइड विद मी’ को हिन्दुस्तानी में अनुवादित करके, प्राचीन भारतीय शास्त्र संगीत की शैली की एक लय में बैठाकर, हम इस गीत की सामूहिकता प्रदर्शित कर रहे हैं, और यह भी की ये भारत की कला और संस्कृति के खज़ाने में शामिल होने के लिए कितना उचित है। यह हमारी संस्कृति के ताकत है की हम हर जगह से चीज़ें लेकर, उन्हें अपना बना लेते हैं। इस आदर्श को असल में देखना एक अद्भुत अनुभव था, जिस फुर्ती से दास्तानगो और लेखक महमूद फारुकी ने इस गीत का बेहतरीन अनुवाद किया और कैराना घराना के उस्ताद आरिफ अली खान ने उसे इतने अच्छे से भारतीय शास्त्र संगीत की शैली में ढाला।

(सुरन्या अय्यर एक एक्टिविस्ट और लेखक हैं। वो इस गाने की निर्माता हैं।)
अंग्रेज़ी से हिन्दी अनुवाद: ज्योत्स्निका
 

तुम मेरे पास रहो 
"अबाइड विद मी" हिंदी संस्करण 
महमूद फारूकी द्वारा हिंदुस्तानी में अनुवादित "एबाइड विद मी"
निर्माता: सुरन्या अय्यर 
मूल कवि: हेनरी फ्रांसिस लिटे, 1847 | मूल संगीत: विलियम एच मोंक "इवेंटाइड", 1861
 संगीत व्यवस्था और निर्देशन: उस्ताद आरिफ अली खान
स्वर: अदनान खान, फरहान खान, सुरन्या अय्यर, अमरीना आरिफ, अर्शुल अमीन 
सारंगी: उस्ताद आरिफ अली खान, तबला: अरीब अली खान, संतूर: मनोज शर्मा
हारमोनियम: अमान अली खान, सितार: सलीम अहमद, बांसुरी: असलम अली खान
निर्देशक: अवनि बत्रा
फोटोग्राफी निदेशक, एडिटिंग: भरत तिवारी
कैमरा असिस्टेंट: ज्योत्स्निका, ध्वनि सहायक: आरुषि 
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