गुलज़ार ने सुनायी भवानी प्रसाद मिश्र की कविता 'बहुत नहीं सिर्फ़ चार कौए थे काले' | #Gulzar
पाश की कविता 'सबसे ख़तरनाक' और मुकेश केजरीवाल का पाठ | #Pash @Mukesh_k #khataakk
स्वतन्त्रता सेनानी रामचन्द्र नन्दवाना स्मृति सम्मान के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित
भाषा से मुझे बचपन में ही प्यार हो गया था — शशि थरूर | #शब्दों_का_संसार
I’d fallen in love with language as a child — @ShashiTharoor | #WorldOfWords 1
फूलों की बौछार नहीं ठोस कदम उठाने होंगे  - शशि थरूर - चिकित्सक दिवस शुभकामनाएं | Shashi Tharoor on Doctor's Day
स्वयं प्रकाश स्मृति सम्मान के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित
अपारदर्शिता लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करती है - डॉ शशि थरूर
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विकास से ही भारत का विकास संभव है - डॉ पीएस वोहरा
भारतीय गांव और उपन्यास का नॉर्मेटिव स्पेस — डॉ. कविता राजन