परिचय: रजनी गुप्‍त

रजनी गुप्‍त 

जन्मतिथि: 2 अप्रेल 1963

यूजीसी द्वारा जेआरएफ , एमफिल , पीएचडी ( जेएनयू , नई दिल्‍ली )

राष्‍ट्रीयकृत बैंक में प्रबंधक , राजभाषा

साहित्यिक गतिविधियां  


उपन्‍यास 

  1. कहीं कुछ और – वाणी प्रकाशन दिल्‍ली 
  2. किशेारी का आसमां , किताबघर प्रकाशन दिल्‍ली                        
  3. एक न एक दिन , किताबघर प्रकाशन    
  4. कुल जमा बीस , सामयिक प्रकाशन दिल्‍ली 
  5. ये  आम रास्‍ता नही , वाणी प्रकाशन दिल्‍ली   , प्रकाशनाधीन 

                               
कहानियां 

  1. एक नई सुबह - वाणी प्रकाशन दिल्‍ली                                    
  2. हाट बाजार  - नेशनल पब्लिशिंग हाउस , दिल्‍ली 
  3. प्रेम संबंधों की कहानियां , नमन प्रकाशन दिल्‍ली 


संपादन

  1. आजाद औरत कितनी आजाद  - सामयिक प्रकाशन दिल्‍ली 
  2. मुस्‍कराती औरतें  - सामयिक प्रकाशन दिल्‍ली 


स्‍त्री विमर्श
सुनो तो सही – सामयिक प्रकाशन दिल्‍ली

विशेष 
कहीं कुछ और राजर्षि पुरूषोत्‍तम दास टंडन ओपन यूनि के स्‍त्री विमर्श कोर्स में शामिल एवं सुनो तो सहीपुस्‍तक हिंदी साहित्‍य के इतिहास में शामिल

पिछले 12 सालों से कथाक्रम , साहित्यिक पत्रिका में संपादकीय सहयोग

सम्‍मान

  • एक नई सुबह पर उत्‍तर प्रदेश हिंदी संस्‍थान का सर्जना पुरस्‍कार एवं युवा लेखन पुरस्‍कार 
  • किताब घर प्रकाशन द्वारा आर्यस्‍मृति साहित्‍य सम्‍मान 2006 
  • किशोरी का आसमां- उपन्‍यास  पर अमृतलाल नागर पुरस्‍कार- उत्‍तर प्रदेश हिंदी संस्‍थान 

शोध कार्य  

दोनों कहानी संग्रह पर लखनऊ विश्‍वविद्यालय द्वारा एमफिल
एक न एक‍ दिन – उपन्‍यास पर कुरुक्षेत्र विश्‍वविद्यालय द्वारा एमफिल
कहीं कुछ और – उपन्‍यास पर केरल विश्‍वविद्यालय द्वारा एमफिल



5/259 विपुल खंड गोमती नगर लखनऊ
फोन नंबर – 09452295943

nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

चित्तकोबरा क्या है? पढ़िए मृदुला गर्ग के उपन्यास का अंश - कुछ क्षण अँधेरा और पल सकता है | Chitkobra Upanyas - Mridula Garg
ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
‘राग दरबारी’ तीन कौड़ी का उपन्यास है  - विजय मोहन सिंह
Hindi Story: दादी माँ — शिवप्रसाद सिंह की कहानी | Dadi Maa By Shivprasad Singh
लक्ष्मी शर्मा की 'इला न देणी आपणी', सुंदर भाषा में सुनायी गई एक बेहद मजबूत कहानी | Laxmi Sharma Ki Kahani
 देख तमाशा लकड़ी — अंश 'काशी का अस्सी’ काशीनाथ सिंह | Kashinath Singh ki Kahani
यथार्थवाद और नवजागरण : व्यक्ति की महानता की त्रसद परिणति-कथा - अमिताभ राय
कहानी 'वो जो भी है, मुझे पसंद है' - स्वाति तिवारी | Hindi Kahani by Swati Tiwari
ईश्वर करे कोई लेखक न बने - प्रेम भारद्वाज | Prem Bhardwaj's Editorial