संजीव ! अरविंद केजरीवाल जी को लेकर जैसे तुम मुग्ध हो ऐसे ही मैं भी था #KapilMishra



मैंने CBI में अरविंद जी और सत्येंद्र जी पर तीन मामले लिखवाये है

संजीव झा को कपिल मिश्रा का पत्र

कल कुछ तथ्य मैं देश के सामने दस्तावेजों के साथ रखूंगा। शायद उससे सत्य को समझने में तुम्हे सहायता मिले।


प्रिय संजीव भाई

मीडिया के माध्यम से तुम्हारा पत्र मिला।

तुम अनशन करोगे ये सुनकर दुःख हुआ।

पर मैं समझ सकता हूँ, तुम ऐसा क्यों कर रहे हो। जैसे तुम अरविंद केजरीवाल जी को लेकर मुग्ध हो ऐसे ही में भी मुग्ध था।




मेरी आँखें खुल गयी और भगवान ने चाहा तो कल तुम्हारी भी आंखे खुल जाएगी।

मैंने CBI में अरविंद जी और सत्येंद्र जी पर तीन मामले लिखवाये है।

पहला, जिसकी तुम बात कर रहे हो। 2 करोड़ रुपये के लेन देन का। इस मामले में   मैं खुद गवाह हूँ। जो भी जानकारियां व details मेरे पास है बस वो ही मेरी ताकत है। अरविंद केजरीवाल जी चाहते है कि सारे details मैं सार्वजनिक करके अपनी सारी ताकत खत्म कर दूं।

अरविन्द केजरीवाल को कपिल मिश्रा का खुला ख़त  

वो मुख्यमंत्री है, सारी व्यवस्था और तामझाम उनका अपना है। उनके साथ सत्येंद्र जैन जी जैसे अरबपति लोग है। कैसे मैं अपने हाथ काटकर उनको दे दूं। जांच होने दो, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

दूसरा जो मामला मैंने बताया, अरविंद जी के रिश्तेदारों के बारे में उसके सारे details देश के सामने है। कैसे गलत तरीको से अरविंद केजरीवाल जी के रिश्तेदारों को फायदा पहुचाया गया वो भी अब खुल चुका है।


कितना झूठ अरविंद, आखिर कितना?? — डॉ अन्नपूर्णा मिश्रा

तीसरा मामला मैंने विदेश यात्राओं से संबंधित है। अपने दिल पर हाथ रखकर बताओ, इन विदेश यात्राओं की जानकारी सार्वजनिक नहीं होनी चाहिए। इनमे आखिर छिपाने के लिए क्या है?

अरविंद जी आपके जवाब का इंतजार है — कपिल मिश्रा

मैं केवल इतना कहना चाहता हूँ कि इन विदेश यात्राओं के details में बहुत कुछ काला छिपा है जिससे बचने के लिए आपको व सबको मोहरा बनाया जा रहा है।

कल कुछ तथ्य मैं देश के सामने दस्तावेजों के साथ रखूंगा। शायद उससे सत्य को समझने में तुम्हे सहायता मिले।
तुम्हे मेरे कारण अनशन करना पड़ रहा है उसके लिए माफ करना। एक दिन सच सबके सामने आएगा।

पानी खूब पीना। अपना ध्यान रखना।

तुम्हारा

कपिल मिश्रा

(ये लेखक के अपने विचार हैं।)
००००००००००००००००
nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
Hindi Story: कोई रिश्ता ना होगा तब — नीलिमा शर्मा की कहानी
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
Hindi Story: दादी माँ — शिवप्रसाद सिंह की कहानी | Dadi Maa By Shivprasad Singh
मन्नू भंडारी की कहानी — 'रानी माँ का चबूतरा' | Manu Bhandari Short Story in Hindi - 'Rani Maa ka Chabutra'
भवतु सब्ब मंगलं  — सत्येंद्र प्रताप सिंह | #विपश्यना
 प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani
बिहारियों का विस्थापन: ‘समय की रेत पर’ की कथा
फ्रैंक हुजूर की इरोटिका 'सोहो: जिस्‍म से रूह का सफर' ⋙ऑनलाइन बुकिंग⋘