हिमालयन इकोज़ : कुमाऊँ फेस्टिवल ऑफ़ लिटरेचर एंड आर्ट्स



नसीरुद्दीन शाह से गूंजेगा हिमालयन इकोज़


आज के नवोदय टाइम्स में
http://bit.ly/2htbjDc



संस्कृति के लिए कुछ करने के नाम पर, संस्कृति की चिंता करना आज का फ़ैशन है। मगर कुछ लोग हैं जिन्होंने इस ज़िम्मेदारी को ओढ़ा हुआ है, और सहेज रहे हैं। जान्ह्वी प्रसाद जिनका बचपन कुमाऊं की पहाड़ियों में बीता है और जो एक फिल्म-निर्माता और लेखिका हैं, उन्हें वहां के पहाड़ों सी सुन्दर और चोटियों सी ऊंची, साहित्य और कला की विरासत का अंदाज़ा है, जो सीमित साधनों के बावजूद, उन्हें दो-दिवसीय ‘हिमालयन इकोज़ : कुमाऊँ फेस्टिवल ऑफ़ लिटरेचर एंड आर्ट्स’ के आयोजन की शक्ति देता है।




पर्यावरण को केंद्र में रखते हुए, 7-8 अक्तूबर को होनेवाले हिमालयन इकोज़ में दोनों दिन पांच-पांच सत्र होंगे। फेस्टिवल का पहला दिन नैनीताल के अैबटस्फोरड हेरिटेज होटल (प्रसाद भवन) में और  दूसरा दिन कॉर्बेट नेशनल पार्क के जंगल में ‘गेटवे रिसॉर्ट्स’ में होना है।

उत्सव में कला और साहित्य प्रेमियों को नसीरुद्दीन शाह, इरा पांडे, अमिताभ पांडे, अमिताभ बाघेल, एम के रंजीत सिंह, जानकी लेनिन, दल्लीप अकोई, दीपक बलानी, प्रेरणा बिंद्रा, वाणी त्रिपाठी, संजीव कुमार शर्मा, सैफ महमूद, हृदेश जोशी जैसे कला-साहित्य विद्वानों के सत्रों का आनंद मिलेगा।

साहित्यकार नमिता गोखले, आयोजक 'जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल', कुमाऊँ फेस्टिवल की सलाहकार हैं, उनका सफल और विशाल अनुभव, यह तय करता है कि हिमालयन इकोज़ का आयोजन, उच्च स्तर का ही रहेगा।

००००००००००००००००
nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

1 टिप्पणियाँ

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (27-09-2017) को
    निमंत्रण बिन गई मैके, करें मां बाप अन्देखी-; चर्चामंच 2740
    पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    जवाब देंहटाएं

ये पढ़ी हैं आपने?

ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
Hindi Story: कोई रिश्ता ना होगा तब — नीलिमा शर्मा की कहानी
ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल Zehaal-e-miskeen makun taghaful زحالِ مسکیں مکن تغافل
Hindi Story: दादी माँ — शिवप्रसाद सिंह की कहानी | Dadi Maa By Shivprasad Singh
बिहारियों का विस्थापन: ‘समय की रेत पर’ की कथा
काटो | आलोक रंजन की कहानी | हिंदी साहित्य | शब्दांकन
मन्नू भंडारी की कहानी — 'रानी माँ का चबूतरा' | Manu Bhandari Short Story in Hindi - 'Rani Maa ka Chabutra'
परिन्दों का लौटना: उर्मिला शिरीष की भावुक प्रेम कहानी 2025
भवतु सब्ब मंगलं  — सत्येंद्र प्रताप सिंह | #विपश्यना