न्याय - शब्दांकन (डॉ० अजय जनमेजय)


बाजों के फिर मुंह लगा ,इक चिडिया का खून |
लेकिन पूरे देश में ,जागा एक जुनून ||
फिर चिड़िया की ज़िन्दगी ,लूट ले गए बाज |
पहरेदारों को मगर , जरा न आई लाज |
जरा न आई लाज , लिए फंदा कानूनी |
चाहें सारे लोग , मरें वहशी ये खूनी |
जागा पूरा देश , करे चिंता बिटिया की |
रहे सुरक्षित जान ,देश की हर चिड़िया की ||
डॉ अजय जनमेजय
 
nmrk5136

एक टिप्पणी भेजें

1 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

चित्तकोबरा क्या है? पढ़िए मृदुला गर्ग के उपन्यास का अंश - कुछ क्षण अँधेरा और पल सकता है | Chitkobra Upanyas - Mridula Garg
ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
‘राग दरबारी’ तीन कौड़ी का उपन्यास है  - विजय मोहन सिंह
Hindi Story: दादी माँ — शिवप्रसाद सिंह की कहानी | Dadi Maa By Shivprasad Singh
समीक्षा: मुजीब रिज़वी की किताब ‘सब लिखनी कै लिखु संसारा: पद्मावत और जायसी की दुनिया’ — दिव्या तिवारी | Padmavat Aur Jayasi Ki Duniya
पानियों पर लिखे बेवतन लोगों के अफ़साने — कहानी — मधु कंकरिया | Hindi Story on Stranded Pakistanis by Madhu Kankaria
लक्ष्मी शर्मा की 'इला न देणी आपणी', सुंदर भाषा में सुनायी गई एक बेहद मजबूत कहानी | Laxmi Sharma Ki Kahani
यथार्थवाद और नवजागरण : व्यक्ति की महानता की त्रसद परिणति-कथा - अमिताभ राय
भवतु सब्ब मंगलं  — सत्येंद्र प्रताप सिंह | #विपश्यना