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उत्तर आध्यात्मिकता का अतिक्रमण - विजय राय Infraction of Post-Spirituality - Vijay Rai

April 30, 2014
इधर बहुत तेज़ी से हर वर्ग में मुनाफे का खेल पनपा है, उसने सबसे ज्यादा हमारी संवेदनाओं को नुकसान पहुंचाया है। आज हर वस्तु की कीमत है। मनुष्य...Read More

उन्हें (युवाओं को) इस बात का इल्म तक नहीं है कि राष्ट्रहित क्या होता है? - आशीष कंधवे | 21st centuray - Ashish Kandhway

April 26, 2014
21वीं सदी: सकारात्मक पक्ष की सदी  आशीष कंधवे ऐसे काल में जब बाजारवाद का साम्राज्य मनुष्य एवं मनुष्यता को भी लाभ-हानि के पलड़े पर तौल...Read More

गुजरात के विकास की कहानी - एनडीटीवी प्राइम टाइम | Story of Gujrat's Development - NDTV Prime Time

April 26, 2014
नरेंद्र मोदी का मिशन 2014 सबसे ज्यादा इस प्रचार पर टिका है कि उनके रहते गुजरात का जैसा विकास हुआ, वैसा ही पूरे देश का होगा। इस विकास की ...Read More

The Invisible Wave - Qamar Wahid Naqvi | सेकुलर फ़ेस क्रीम ले लो, दिन में बारम्बार रंग बदलते कुरते ले लो - क़मर वहीद नक़वी

April 20, 2014
राग देश .... और देश सोने की चिड़िया बन जायेगा! - क़मर वहीद नक़वी  लो जी, अब ख़ुश! लहर आ गयी है! सब जगह लहर बोल रही है. देखो रे ...Read More

कहानी "विरोध ज़ारी है" - प्राण शर्मा | Virodh zari hai - Hindi Story by Pran Sharma

April 19, 2014
गोरी - चिट्टी कमला की क्या बात है ! घर का हर काम वह समय पर निबटाना पसंद करती है। मधुर भाषी है लेकिन अनुचित बात पर वह गुस्सा भी खाने में गुर...Read More

लेखकों-कलाकारों-संस्कृतिकर्मियों की अपील An Appeal by Writers-Artists-Cultural Activists

April 18, 2014
आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र बड़ी संख्या में लेखकों-कलाकारों-संस्कृतिकर्मियों ने अपने हस्ताक्षर के साथ निम्नांकित अपील जारी की है: ...Read More

लोकतंत्र के नाम पर लोकतंत्र का सैद्धांतिक संहार - कृष्णा सोबती | Carnage of democracy in the name of democracy - Krishna Sobti

April 17, 2014
किसी भी छोटी-बड़ी राजनैतिक पार्टी द्वारा धार्मिक-सांप्रदायिक संकीर्णता का प्रचार करना भारत की धर्मनिरपेक्ष नीति के विरुद्ध अपराध माना ज...Read More

क़मर वहीद नक़वी - किसी बलात्कारी से किसी मुसलमान को कोई सहानुभूति नहीं है A Muslim has no sympathy for any Rapist - Qamar Waheed Naqvi

April 16, 2014
राग देश किसी बलात्कारी से किसी मुसलमान को कोई सहानुभूति नहीं है लाल टोपी की काली राजनीति ! क़मर वहीद नक़वी वोट के लिए बलात...Read More

देश के अधिकतर लेखकों ने दिल्ली के बारे में बहुत अच्छा नहीं लिखा है - प्रेम भारद्वाज most of the writers of this country have not written good about Delhi - Prem Bhardwaj

April 15, 2014
उनका आना जैसे बाघ का आना - प्रेम भारद्वाज हम सब एक पिंजड़े में बंद हैं या होने जा रहे हैं उसमें एक शेर (बाघ) भी है, अगर हम बचेंगे तो बा...Read More
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