भाषांतर अनुभव

साहित्य अकादमी ने हाल ही में "भाषांतर अनुभव" नामक कार्यक्रम की एक नई श्रृंखला शुरू की है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, प्रख्यात भारतीय कवि अपनी कुछ कविताओं का पाठ करते हैं व साथ-साथ उसी कविता का अनुवाद उस विशेष क्षेत्र की अलग-अलग भाषाओं में पढ़ा जाता है। 

15-16 दिसम्बर 2014 को साहित्य अकादमी अपने सभागार में उत्तर भारतीय भाषाओं हिन्दी, उर्दू, कश्मीरी, राजस्थानी, पंजाबी आदि के कवियों के साथ ऐसे ही कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। 




कार्यक्रम

सोमवार, 15 दिसम्बर, 2014


उद्घाटन सत्र : पूर्वाहन 10:30 बजे
स्वागत : के श्रीनिवासराव (सचिव, साहित्य अकादमी)
अध्यक्षीय व्याख्यान : विश्वनाथ प्रसाद तिवारी (अध्यक्ष, साहित्य अकादमी)
उद्घाटन व्याख्यान : सत्यव्रत शास्त्री (प्रख्यात संस्कृत विद्वान)
धन्यवाद ज्ञापन

चाय

प्रथम सत्र : पूर्वाह्न 11:30 बजे – अपराह्न 1:00 बजे
अध्यक्ष : अर्जुन देव चारण
कविता पाठ : लीलाधर जगूड़ी
सुरजीत पातर

भोजन

द्वितीय सत्र : अपराह्न 2:00 बजे – अपराह्न 3:30 बजे
अध्यक्ष : केदारनाथ सिंह
कविता पाठ : वनीता
गुलाम नबी गौहर

चाय

तृतीय सत्र : अपराह्न 4:00 बजे – अपराह्न 5:30 बजे
अध्यक्ष : पद्मा सचदेव
कविता पाठ : राम करण शर्मा
चंद्रभान ख़याल

मंगलवार, 16 दिसम्बर, 2014


चतुर्थ सत्र : पूर्वाह्न 10:00 बजे – पूर्वाह्न 11:30 बजे
अध्यक्ष : सुरजीत पातर
कविता पाठ : सत्यव्रत शास्त्री
ख़लील मामून

चाय

पंचम सत्र : मध्याह्न 12:00 बजे – अपराह्न 1:30 बजे
अध्यक्ष : राम करण शर्मा
कविता पाठ : पद्मा सचदेव
मालचंद तिवारी

भोजन

षष्ठ सत्र : अपराह्न 2:30 बजे – अपराह्न 4:30 बजे
अध्यक्ष : चंद्रभान ख़याल
कविता पाठ : 
केदारनाथ सिंह
अर्जुन देव चारण
विजय वर्मा
 ---------------

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

ये पढ़ी हैं आपने?

ईदगाह: मुंशी प्रेमचंद की अमर कहानी | Idgah by Munshi Premchand for Eid 2025
जयश्री रॉय और प्रमोद राय को 'राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान' 2020-21
मन्नू भंडारी: कहानी - एक कहानी यह भी (आत्मकथ्य)  Manu Bhandari - Hindi Kahani - Atmakathy
हिन्दी कहानी 'अज़ाब' - विजयश्री तनवीर | Vijayshree Tanveer - Hindi Story - Azab
गुलज़ार की 10 शानदार कविताएं! #Gulzar's 10 Marvelous Poems
Hindi Story: दादी माँ — शिवप्रसाद सिंह की कहानी | Dadi Maa By Shivprasad Singh
चाइल्ड इज़ द फ़ादर ऑफ़ मैन | वंदना राग | सरकफंदा उपन्यास अंश
कहानी कैसे लिखें — कहानी के तत्व — रोहिणी अग्रवाल
 प्रेमचंद के फटे जूते — हरिशंकर परसाई Premchand ke phate joote hindi premchand ki kahani
अनुपमा गांगुली का चौथा प्यार : विजयश्री तनवीर : लोकल ट्रेन, मातृत्व और एक अधूरी मोहब्बत की मार्मिक कहानी