युवा ~ दिव्यचक्षु | Movie Review: Uvaa


युवा  / Movie Review: Uvaa

~ दिव्यचक्षु

फिल्म समीक्षा - युवा
युवा  ~ दिव्यचक्षु | Movie Review: Uvaa

फिल्म की कहानी में संभावनाएं हैं लेकिन निर्देशकीय कल्पनाशीलता बेहद कमजोर है


निर्देशक- जसबीर बी भाटी

कलाकार-जिमी शेरगिल, ओम पुरी, रजत कपूर, परीक्षित साहनी, संजय मिश्रा

नाम से लगता है कि ये फिल्म युवकों की जिंदगी पर आधारित है। मध्यांतर तक दर्शक को भी यही लगता है। लेकिन मध्यांतर के बाद ये बलात्कारियों को कैसी सजा दी जाए इसकी फिल्म हो जाती है। फिल्म में फलसफा पेश किया गया है कि बलात्कारियों का लिंग –परिवर्तन (यानी जेंडर चेंज) करा दिया जाना चाहिए और वही समाज में बढ़ रहे दुष्कर्म को कम करने का स्थायी उपाय है। ये फिल्म पुलिस को ही इंसाफ करने देने की वकालत भी पेश करती है चाहे वो इंसाफ कितना ही अतार्किक  क्यों न हो।

राम प्रताप (विक्रात राय), अनिल शर्मा (रोहन मेहरा), विक्रम त्यागी (लविन गोठी) सलमान  (मोहित बघेल) और दीन बंधु (भूपेंद्र सिंह) नाम के पांच दोस्त हैं जो स्कूल में पढ़ते हैं। पांचो का दिल पढाई में नहीं लगता और ये सारे दिन मटरगश्ती करते रहते हैं। लेकिन इनमें तीन के साथ एक दिन बड़ा हादसा होता है ये इस आरोप में जेल चले जाते हैं कि इन्होंने अपने ही स्कूल के प्रधानाध्याक की लड़की के साथ बलात्कार किया है। इनको आरोप से कैसे बचाया जाए और असली बलात्कारियों को कैसे पकड़ा जाए और उनको क्या सजा दी जाए इसी के इर्दगिर्द पूरी फिल्म चलती है। लेकिन चूंकि फिल्म का स्क्रीन प्ले बेहद कमजोर है इसलिए शुरू से अंत तक फिल्म दर्शक को कहीं बांध नहीं पाती। हालांकि फिल्म की कहानी में संभावनाएं हैं लेकिन निर्देशकीय कल्पनाशीलता बेहद कमजोर है।

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