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देखो मैं इतने बड़े लेखक के करीब हूं — रवीन्द्र कालिया पर कथाकार अखिलेश #जालंधर_से_दिल्ली_वाया_इलाहाबाद (2)

October 28, 2019
रवींद्र कालिया की कहानियों से मैं चमत्कृत था; उनकी भाषा, उनका यथार्थ के प्रति सुलूक, उनकी मध्यवर्गीय भावुकताविहीनता, उनका खिलंदड़ा अ...Read More

रवीन्द्र कालिया पर कथाकार अखिलेश का संस्मरण #जालंधर_से_दिल्ली_वाया_इलाहाबाद (1)

October 20, 2019
अधिकतर ऐसा ही हुआ : कोई कालिया जी से मिला और उनका होकर ही रुखसत हुआ । उनका अत्यंत महत्वपूर्ण लेखक होना, आकर्षक अनोखा व्यक्तित्व, उनका...Read More

नाटक पुनर्व्याख्या की सर्वोत्कृष्ट कला है — मनीष सिसोदिया | #भरतमुनि_रंग_उत्सव

October 20, 2019
भरतमुनि रंग उत्सव नई दिल्ली, अक्टूबर 2019: विभिन्न भारतीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाले दिल्ली सरकार के कला और संस्कृति व...Read More

मादा देह मुर्गे के एक किलो गोश्त से भी सस्ती — #ये_माताएं_अनब्याही — अमरेंद्र किशोर

October 19, 2019
टीआरपी के बिसातियों न प्राइम टाइम में हंगामा मचा और न कोई कवर स्टोरी सामने आयी  अनब्याही माता होने की पीढ़ीगत परम्परा के अनगिनत मह...Read More
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