वह एक एरिया है, जहां से यह अहसास लिया जा सकता है कि गेट पार वाले इलाके में महिलाएं होती हैं। विपश्यना — सत्येंद्र प्रताप सिंह — संस्मरण:…
आगे पढ़ें »गुजरात मॉडल तो ठीक है, मगर गुजरात के बच्चे ? नो उल्लू बनाविंग — अभिसार शर्मा जो समाज अपने बच्चों की रक्षा नहीं कर सकता, वो खोखला है।…
आगे पढ़ें »परवीन सुल्तान और अप्पाजी की यादों भरी शाम दिल्ली शास्त्रीय संगीत समारोह : दिन - 1 सुरों पर परवीन का कंट्रोल अतुलनीय है, कुछ कुछ फाइटर …
आगे पढ़ें »रामकथा के जितने रूप हैं उतनी ही तरह के विवरण त्रेतायुग के भी हैं — मृणाल पाण्डे 2010 के आसपास दिल्ली वि.वि. में इतिहास, ऑनर्स पाठ्यक्…
आगे पढ़ें »यदि आप शांति की खोज में रहने वालों में से एक है और आप इस श्रृंखला को नहीं पढ़ रहे हैं, तो मेरी सलाह मानिये, और ज़रूर पढ़िए. चिंतन मनन से यह …
आगे पढ़ें »नमिता गोखले को असम साहित्य सभा शताब्दी राष्ट्रीय पुरस्कार Namita Gokhale (Photo: Bharat Tiwari) लेखक अपना काम यानी 'लेखन' कि…
आगे पढ़ें »ये बेतुका मौसम है #ज़हरखुरानी ये वाहियात काल है, देश का। कुछ भी कह दो, कुछ भी कर दो, फिर उसे सही ठहराने के लिए कुछ भी तर्क दे दो। कुछ मिसा…
आगे पढ़ें »Shujaat Khan (Photo© Bharat Tiwari) इम्दादखानी घराने का सितार — भरत तिवारी शिमला को अन्य छोटे शहरों के मुकाबले, शास्त्रीय सं…
आगे पढ़ें »Save 'The Wire' — Om Thanvi वायर कि जय ? — ओम थानवी आप जानते हैं, देश में मीडिया संकट में हैं। सरकार की सेवा करने (और बदले …
आगे पढ़ें »हद्द बेशरम हो तुम, जब बच्चे छोटे थे तो कभी गोदी में बिठाया तुमने? आज बड़े आये ह…
Social Plugin