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हिंदीभाषी समाज अपने लेखकों को भूलता जा रहा है - अशोक मिश्र Hindi-speaking society is forgetting their writers - Ashok Mishra

May 30, 2014
पुस्तक मेला के निहितार्थ अशोक मिश्र (संपादक बहुवचन) पुस्तक मेले में अशोक मिश्र एक और नजारा यह देखने को मिला कि मेला आयोजक संस्था ...Read More

उनके (जगदम्बा प्रसाद दीक्षित) पासंग हिन्दी साहित्य में न कोई था, न है, न होगा - मृदुला गर्ग | Mridula Garg remembering Jagdamba Prasad Dixit

May 26, 2014
जगदम्बा प्रसाद दीक्षित जन्म 1934 बालाघाट (महाराष्ट्र) - मृत्य 20 मई  बर्लिन  प्रज्ञा और करुणा के अद्भुत मिश्रण के जादूगर को मेरी ...Read More

शब्द भर जीवन उर्फ दास्तान-ए-नगमानिगार - प्रेम भारद्वाज | Shabd bhar jivan... Kahani - Prem Bhardwaj

May 20, 2014
शब्द भर जीवन उर्फ दास्तान-ए-नगमानिगार प्रेम भारद्वाज ‘नाटक का अभिनेता उसे ही सच मानता है जो हो रहा है। लेकिन जीवन में जो हो रहा है उसे...Read More
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