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जून, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैंसभी दिखाएं
ओ.पी. नैय्यर अपनी किंग साइज़ ईगो के ग़ुलाम थे... तेजेन्द्र शर्मा | Shikha Varshney's reports from UK on O. P. Nayyar
कहानी: मेरे हमदम, मेरे दोस्त  - अल्पना मिश्र | Kahani : 'Mere Humdam Mere Dost'- Alpana Mishra
युवा  ~ दिव्यचक्षु | Movie Review: Uvaa
हंसी का भैसा लोटन  ~ दिव्यचक्षु | Movie Review: Miss Tanakpur Haazir Ho
30 जून तक ₹250 में तीन उपन्यास (मनोहर श्याम जोशी+संजीव+प्रभात रंजन) | Three Latest Novels for ₹250
स्मृति ईरानी का फरजीवाड़ा - ओम थानवी | #SmritiFakeDegree Om Thanvi @omthanvi
कहानी -सरकारी मदद आ रही है  : इंदिरा दाँगी | Sahitya Akademi (Yuva) Award 2015 to Indira Dangi
कोठागोई - दिल उन्हें 'पन्ना देवी' कह रहा है | #Kothagoi - Prabhat Ranjan
बंग्ला कहानी: अमेरिकन पेट्रोमैक्स - नबारुण भट्टाचार्या (अनुवाद अमृता बेरा) | American Petromax - Nabarun Bhattacharya
  'वर्तमान साहित्य'  अप्रैल, 2015 | 'Vartman Sahitya', April 2015
इस उपन्यास के शिल्प ने मुख्य रूप से आकर्षित किया - प्रो० नामवर सिंह | Prof Namvar Singh on Alka Saraogi's Novel "Jaankidas Tejpal Mansion"
कितने वादे थे ? सरकार... : विभूति नारायण राय |  Vibhuti Narayan Rai on PM India
ग़ज़लों में यथार्थ ~ प्रताप सोमवंशी | Ghazals of Pratap Somvanshi