July 2013 - #Shabdankan
#Shabdankan

साहित्यिक, सामाजिक ई-पत्रिका Shabdankan


हंस की सालाना संगोष्ठी ※Hans' Annual Conference

Wednesday, July 31, 2013 0
View Larger Map ― “अभिव्यक्ति और प्रतिबन्ध” ❐ दिनांक ▶ बुधवार, ३१ जुलाई २०१३ ❐ समय ▶ शाम ५ बजे ❐ स्थान ▶मुख्य सभागार, ऐवाने ग...
और आगे...

स्टंटबाज़ी / नये मानकों की प्रयोगशाला – अशोक गुप्ता

Monday, July 29, 2013 0
हाल के परिदृश्य में एक नया नज़ारा सामने आया है जिसमें अपनी जान पर खेल कर बाइकर्स आधी रात के बाद तेज गति से अपनी बाइक दौडते हुए, खतरनाक करतब...
और आगे...

स्वीकारने से क्या सितम सहनीय हो जाता है - प्रेम भारद्वाज

Sunday, July 28, 2013 1
वैधानिक चेतावनी: भावुकता विकास के लिए हानिकारक और मौजूदा दौर में असभ्यता है। गुजारिश है कि इसे वे नहीं पढ़े जो उदासी, दर्द, स्मृति, परंपर...
और आगे...

दूसरे समय में कहानी - अशोक मिश्र

Friday, July 26, 2013 1
बहुवचन की प्रति प्रेषित करने के साथ ही संपादक अशोक मिश्र ने मुझे अपनी निष्पक्ष राय देने का आदेश भी दिया... अब कहाँ उनके जैसा वरिष्ठ अनुभवी...
और आगे...

लघुकथा - दिस इस अमेरिका - डॉ. अनीता कपूर

Wednesday, July 24, 2013 3
   " गुड मॉर्निंग, मिस्टर जॉर्ज, हाउ आर यू दिस मॉर्निंग ? ”    “ डूइंग गुड मिस नीना ”, कहकर जॉर्ज अपना सिर हिलाता है, और नीना की तर...
और आगे...

लधुकथा: दिन बीच खाना - प्रतिभा गोटीवाले

Monday, July 22, 2013 1
    मेटरनिटी होम एंड टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर के बाहर लगी बेंच पर वो ग्रामीण दंपत्ति, पिछले तीन घंटे से बैठे थे , अब जाकर उनका नंबर आया था ,...
और आगे...

अपने पंखों को आकाश दो - गीताश्री

Saturday, July 20, 2013 0
आदमियों की निगाह में यदि स्त्री करती है गिले शिकवे या बार-बार दोहराती है एक ही बात आदमी को समझ जाना चाहिए कि उसकी आस अभी टू...
और आगे...

पूरे मुल्क को लगना है चासास्का का चस्का - संजीव कुमार

Friday, July 19, 2013 0
दिल्ली विश्वविधालय में इस सत्र से फ़ोर र्इयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (एफ वार्इ यू पी) या चार साला स्नातक कार्यक्रम (चासास्का) लागू हो गया ह...
और आगे...

कवितायेँ - ऐन सूरज की नाक के नीचे : सुमन केसरी

Monday, July 15, 2013 6
उसके मन में उतरना...  उसके मन में उतरना मानो कुएँ में उतरना था सीलन भरी अंधेरी सुरंग में      उसने बड़े निर्विकार ढंग से      अं...
और आगे...

दो गज़लें - मूसा खान अशांत

Monday, July 15, 2013 0
अब  तो  लगता  है  इस  तरह से  जीना होगा प्यास  लगने  पे  लहू  अपना  ही  पीना  होगा किसको फुर्सत है की ग़म बाँट ले गैरों का यहाँ ...
और आगे...

कवितायेँ - रविश ‘रवि’

Sunday, July 14, 2013 0
चाँद की बेचैनी ! चाँद में है बेचैनी और तारों में भी है कुछ सुगबुगाहट सी बस कुछ और पल और आ जायेगा सूरज उनकी रोशनी का सौदा करने...
और आगे...

कविताएँ - कल्याणी कबीर

Wednesday, July 10, 2013 0
जनवादी लेखक संघ, अक्षरकुम्भ, सिंहभूम जिला साहित्य परिषद् आदि साहित्यिक मंच की सदस्या कल्याणी कबीर का जन्म बिहार के मोकामा गाँव में ५ ज...
और आगे...

कहानी: तमाशा - सुश्री कविता

Saturday, July 06, 2013 4
15 अगस्त को बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्मीं कविता की लेखन विधाओं में कहानी, उपन्यास, कविता, समीक्षा आदि शामिल हैं। युवा लेखिका कविता क...
और आगे...

#Shabdankan

↑ Grab this Headline Animator