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स्टंटबाज़ी / नये मानकों की प्रयोगशाला – अशोक गुप्ता

July 29, 2013
हाल के परिदृश्य में एक नया नज़ारा सामने आया है जिसमें अपनी जान पर खेल कर बाइकर्स आधी रात के बाद तेज गति से अपनी बाइक दौडते हुए, खतरनाक करतब...Read More

स्वीकारने से क्या सितम सहनीय हो जाता है - प्रेम भारद्वाज

July 28, 2013
वैधानिक चेतावनी: भावुकता विकास के लिए हानिकारक और मौजूदा दौर में असभ्यता है। गुजारिश है कि इसे वे नहीं पढ़े जो उदासी, दर्द, स्मृति, परंपर...Read More

पूरे मुल्क को लगना है चासास्का का चस्का - संजीव कुमार

July 19, 2013
दिल्ली विश्वविधालय में इस सत्र से फ़ोर र्इयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (एफ वार्इ यू पी) या चार साला स्नातक कार्यक्रम (चासास्का) लागू हो गया ह...Read More

कवितायेँ - रविश ‘रवि’

July 14, 2013
चाँद की बेचैनी ! चाँद में है बेचैनी और तारों में भी है कुछ सुगबुगाहट सी बस कुछ और पल और आ जायेगा सूरज उनकी रोशनी का सौदा करने...Read More

कविताएँ - कल्याणी कबीर

July 10, 2013
जनवादी लेखक संघ, अक्षरकुम्भ, सिंहभूम जिला साहित्य परिषद् आदि साहित्यिक मंच की सदस्या कल्याणी कबीर का जन्म बिहार के मोकामा गाँव में ५ ज...Read More
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