साहित्य में अच्छी कविता का कोई सानी नहीं है। अनामिका जी के अनुवाद का आनंद उठाते-उठाते कब आप मणि राव की कविता का आस्वाद लेने लगेंगे, पता नहीं लगेगा!…
आगे पढ़ें »2010 में रवींन्द्र कालिया के संपादन में छप रही पत्रिका ‘नया ज्ञानोदय’ का एक ‘महाबेवफाई अंक’ निकला। उसमें “उसके हिस्से की धूप” का कुछ संक्षिप्त रूप प…
आगे पढ़ें »'गीताश्री की पसंदीदा किताबें' की तीसरी कड़ी में पढ़ें वरिष्ठ लेखक अवधेश प्रीत के उपन्यास रुई लपेटी आग (राजकमल प्रकाशन) की समीक्षा ~ सं0
आगे पढ़ें »सदाशिव श्रोत्रिय की यह सुंदर समीक्षा पढ़ने के बाद दुर्गाप्रसाद अग्रवाल की किताब पढ़ने का बहुत मन हुआ, सोचा अभी मँगा लूँ और तब... हिन्दी की नाव कितने प…
आगे पढ़ें »सिने-सोहबत अमर सिंह चमकीला धार्मिक कट्टरपंथियों की राजनीति और दमित कामुकता पर इम्तियाज़ अली का एक धारदार व्यंग्य ::पंकज दुबे मशहूर बाइलिंग्वल…
आगे पढ़ें »वरिष्ठ साहित्यकार हृषीकेश सुलभ के उपन्यास 'अग्निलीक' की सुंदर समीक्षा करते हुए, आलोचकों को ज़रा घेरते हुए, गीताश्री अपने कॉलम 'गीताश्री क…
आगे पढ़ें »विवाह में जब पति की उम्र कुछ ज़्यादा हो और पत्नी की कम हो तो ऐसे में उस दंपति के वैवाहिक, दैहिक संबंध किस दौर से गुज़रते होंगे, एक स्त्री के नज़रिये स…
आगे पढ़ें »खूबसूरत गद्य पाठक की कमज़ोरी होता है। यदाकदा उसकी यह तलाश गीताश्री भी अपने बेहतरीन लेखन से पूरी करती रहती हैं। शब्दांकन की इस नई सीरीज़ ' गीताश्री…
आगे पढ़ें »विष्णु नागर को निराला स्मृति सम्मान आज दिया जाएगा। इस मुबारक मौक़े पर पढ़िए पल्लव लिखित सुंदर-सुंदर गद्य ‘नागर के संमरण’ जिसमें वे चेताते हुए लिखते …
आगे पढ़ें »अपने प्रिय मित्र कथाकार-पत्रकार ईशमधु तलवार को 14 अक्टूबर, उनके जन्मदिन पर याद कर रहे हैं प्रेमचंद गांधी। इशमधु तलवार का बहुत प्रेममयी व्यक्तित्व थ…
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